{"_id":"5d7f84cc8ebc3e0159664180","slug":"son-abandoned-mother-at-old-age-home-agra-story-of-mother","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"एक मां की दर्दभरी कहानी, जिसे पिता की मौत के बाद वृद्घाश्रम छोड़ गया बेटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक मां की दर्दभरी कहानी, जिसे पिता की मौत के बाद वृद्घाश्रम छोड़ गया बेटा
Wed, 18 Sep 2019 05:23 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 18 Sep 2019 05:23 PM IST
विज्ञापन
रामलाल वृद्धाश्रम में नीलम भाटिया (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पितृपक्ष के दिन अपने पूर्वजों का श्राद्घ, तपर्ण और आशीर्वाद लेने के माने जाते हैं। लेकिन, आगरा के रामलाल वृद्घाश्रम में जीवन यापन कर रहे करीब ढाई सौ महिला-पुरुष अपने पूर्वजों के लिए चिंतित हैं। वहीं एक ऐसी मां भी हैं जिनका बेटा उन्हें पिता का दाहसंस्कार करने के बाद आश्रम में छोड़ गया।
रामलाल वृद्धाश्रम आगरा
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में रामलाल वृद्घाश्रम हैं जहां देशभर से आए पीड़ित बुजुर्ग अपना जीवन यापन कर रहे हैं। यहां दिल्ली के 'मैनेजमेंट गुरु' नाम से मशहूर मुकेश भाटिया की पत्नी नीलम भाटिया रह रही हैं। विगत 15 मई को मुकेश भाटिया की मृत्यु हो गई। जिसके बाद नीलम भाटिया का बेटा उन्हें अपने साथ ले गया लेकिन, पिता का अंतिम संस्कार करने के बाद वापस आश्रम में छोड़कर चला गया।
नीलम भाटिया
- फोटो : अमर उजाला
नीलम भाटिया कहती हैं कि बेटे को समझने में वह भूल कर गईं। बता दें कि दिल्ली निवासी नीलम भाटिया अपने पति के साथ दिसंबर 2018 में वृद्धाश्रम आए थे। आरोप है कि बेटे द्वारा धोखे से सारी प्रॉपर्टी अपने नाम कराने के बाद मां बाप को घर से बाहर निकाल दिया। उसके बाद बुजुर्ग पति-पत्नी को रामलाल वृद्धाश्रम ने आश्रय दिया। नीलम बताती हैं कि पति मुकेश भाटिया ने प्रबंधन पर दर्जनभर किताबें लिखीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
नीलम भाटिया (मुकेश भाटिया का फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
नीलम भाटिया कहती हैं कि पति की मौत के बाद अब तो बस मुझे भी मौत का ही इंतजार है। मुकेश भाटिया ने प्रबंधन पर 12 किताबें लिखी थीं और 20 से ज्यादा रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए थे। मुकेश भाटिया ने दुबई में भी प्रबंधन का ज्ञान बांटा था। दिल्ली के मुकेश भाटिया को पत्नी नीलम भाटिया के साथ बेटे ने घर से निकाल दिया। उनकी पत्नी नीलम भी एमबीए हैं।
विज्ञापन
रामलाल वृद्धाश्रम में रहने वाले वृद्ध
- फोटो : अमर उजाला
नीलम भाटिया के मुताबिक बेटे ने धोखे से सारी जायदाद अपने नाम करा ली। इसके बाद उसका और बहू का व्यवहार इतना खराब हो गया कि वहां एक पल भी रहना मुश्किल था। नीलम कहती हैं, मैंने तो किसी तरह इसे किस्मत का लिखा मानकर खुद को संभाल लिया है, लेकिन ये (मुकेश ) सच को स्वीकार नहीं कर पाए। रामलाल वृद्घाश्रम में ढाई सौ से अधिक महिला-पुरुष रह रहे हैं।