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लापरवाह सिस्टमः स्ट्रेचर न व्हीलचेयर, घिसटते हुए पहुंचते मरीज, वार्ड ब्यॉय भी नहीं मिला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 13 May 2020 01:19 PM IST
सार
घंटों के इंतजार के बाद भी नहीं होती सुनवाई
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पैर में फ्रैक्चर का मरीज
- फोटो : अमर उजाला
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रिक्शे पर लेटा मरीज और पेड़ के नीचे इलाज के इंतजार में मरीज। एसएन मेडिकल कॉलेज में यही हाल देखने को मिल रहा है। यहां व्यवस्थाओं की कमी के चलते मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। व्हीलचेयर और स्ट्रेचर तक नहीं मिल रहे। इससे मरीजों को और ज्यादा परेशानी हो रही है। चलने-फिरने में लाचार मरीजों को परिजन गोद में ले जाते हैं या धीरे-धीरे घिसटते हुए जाना पड़ता है। पढ़िए लापरवाह सिस्टम की पूरी खबर अगली स्लाइड में......
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एसएन मेडिकल कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस के चलते एसएन मेडिकल कॉलेज में डिजिटल और ट्रायल ओपीडी चल रही है। डिजिटल ओपीडी पुरानी इमारत में चल रही है, जानकारी न होने के कारण कई मरीज यहां उपचार कराने पहुंच जाते हैं। इनको एमजी रोड स्थित इमरजेंसी भेज दिया जाता है। इसके लिए स्ट्रेचर और व्हीलचेयर नहीं मिलते, जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज से बाहर निकलते मरीज (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
इमरजेंसी में सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक मरीजों की संख्या अधिक रहती है। यहां भी वार्ड ब्वॉय नहीं रहते और व्हीलचेयर, स्ट्रेचर भी नहीं है। इससे फ्रेक्चर और चलने-फिरने में लाचार मरीजों को परेशानी हो रही है। प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा ने बताया कि व्हीलचेयर-स्ट्रेचर की व्यवस्था है, वार्ड ब्वॉय को अपनी सुरक्षा करते हुए चलने-फिरने में लाचार मरीजों को ओपीडी तक पहुंचाने के निर्देश हैं, इनकी रिपोर्ट मांगता हूं।
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पैर में फ्रैक्चर का मरीज सुरेश और जमीन पर बैठी महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
ताजगंज के सुरेश चंद के पैर में फ्रैक्चर हो गया है, डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने के बाद इनको रुटीन जांच के लिए बुलाया था। इनको स्ट्रेचर नहीं मिला और इमरजेंसी पर घंटों इंतजार करते रहे, वार्ड ब्वॉय भी नहीं आया।
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रेहड़ी पर मरीज को दिखाने जाता परिवार
- फोटो : अमर उजाला
शमसाबाद की महिला के डेढ़ महीने के बच्चे का पेट फूल गया, इसको दिखाने के लिए बाल रोग विभाग आए, यहां से उसे इमरजेंसी जाने को कहा। यहां भी सुनवाई न होने पर वह काफी देर तक पेड़ के नीचे बैठे रहे। वहीं कई मरीज एंबुलेंस न मिलने के कारण रेहड़ी आदि पर आ रहे हैं।
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