आगरा के लोहामंडी थाना क्षेत्र के तोता के ताल में गड्ढे में डूबकर हुई बच्चे की मौत के मामले में पुलिस ने एक ठेकेदार को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। बीएसएनएल के लिए काम करने वाली कंपनी प्रवर इलेक्ट्रोनिक्स के ठेकेदार प्रत्युष शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसको जेल भेज दिया गया। पुलिस की जांच में जलनिगम की ठेकेदार कंपनी मनीषा प्रोजेक्ट्स के सुपरवाइजर देवेश पचौरी का नाम भी सामने आया है, जो अब फरार है। पुलिस जांच में जलनिगम और बीएसएनएल अधिकारियों पर भी शिकंजा कस सकता है।
सीओ लोहामंडी अर्चना सिंह ने बताया कि रियाजुद्दीन के छह वर्षीय बेटे जीशान की मौत मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पुलिस जांच में पाया गया कि जिस गड्ढे में बच्चे की डूबकर मौत हुई, उसे जलनिगम ने बीएसएनएल की केबल कटने पर खुदवाया था। इस काम में नियमों के उलट घोर लापरवाही बरती गई।
2 of 5
इसी गड्ढे में डूबकर हुई थी जीशान की मौत
- फोटो : अमर उजाला
बीएसएनएल के लिए काम करने वाली प्रवर इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रत्युष शर्मा निवासी बीएस कांप्लेक्स सेक्टर चार आवास विकास कॉलोनी को गिरफ्तार किया गया है। दूसरे आरोपी जल निगम की ठेकेदार फर्म मनीषा प्रोजेक्ट्स के ठेकेदार की लापरवाही पाई गई। उसे गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं। इन दोनों ने गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग नहीं कराई और कई दिन बाद भी गड्ढा नहीं भरा।
3 of 5
जीशान के पिता और दादी
- फोटो : अमर उजाला
तोता का ताल में गड्ढे में गिरकर बच्चे की मौत मामले में जलकल विभाग बेशक अपना पल्ला झाड़ रहा हो, पर बुधवार सुबह जलकल इंजीनियरों की पोल तब खुल गई, जब इस गड्ढे में से लीकेज के कारण पानी निकलना फिर शुरू हो गया। जलनिगम और बीएसएनएल द्वारा खुदवाए गड्ढे में जलकल की लाइन लीक हो रही थी, जिससे उसमें पानी भर गया था। हादसा हुआ तो मरम्मत की जगह आनन-फानन में गड्ढा भरवा दिया गया। बुधवार सुबह और शाम को जलापूर्ति के दौरान लीकेज के कारण पानी फिर से निकलने लगा।
4 of 5
मासूम जीशान
- फोटो : अमर उजाला
सभी जिम्मेदारों को मिले सजा
जीशान के पिता रियाजुद्दीन ने कहा कि मेरे मासूम बेटे की मौत के जिम्मेदार सभी दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। सब एक दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं। इन्हीं विभागों ने लापरवाही बरत कर मेरे बेटे की जान ली है। उसे हमेशा के लिए छीन लिया।
5 of 5
आगरा के जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह
- फोटो : अमर उजाला
तोता के ताल पर गड्ढे में गिरकर बच्चे की मौत मामले में डीएम प्रभु एन सिंह ने बुधवार को न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए। उन्होंने एसीएम तृतीय सुमित सिंह को मामले की जांच सौंपी है। डीएम ने बताया कि बच्चे की मौत का मामला गंभीर है। मजिस्ट्रेट से जांच कराई जाएगी। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। डीएम ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर सड़क पर गड्ढा खोदें तो उसका सुरक्षित घेरा जरूर बना दें ताकि कोई हादसा न हो, लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।