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श्री मुरारीलाल माहेश्वरी मंडलीय वाद-विवाद प्रतियोगिता, जूही तिवारी ने जीता प्रथम पुरस्कार
Wed, 28 Aug 2019 12:08 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 28 Aug 2019 12:08 AM IST
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श्री मुरारीलाल माहेश्वरी मंडलीय वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेता प्रमाणपत्र के साथ
- फोटो : अमर उजाला
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श्री मुरारीलाल माहेश्वरी मंडलीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय की बीएड प्रथम वर्ष की छात्रा जूही तिवारी ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान पर आरके कॉलेज सिस्टम एंड मैनेजमेंट की बीएड प्रथम वर्ष की छात्रा शिवांगी जैन और तृतीय स्थान पर अमरनाथ गर्ल्स डिग्री कॉलेज की बीकॉम तृतीय वर्ष की छात्रा गौरी गर्ग रहीं।
श्री मुरारीलाल माहेश्वरी मंडलीय वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेता प्रमाणपत्र के साथ
- फोटो : अमर उजाला
प्रतियोगिता का आयोजन बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय, बालूगंज में किया गया। विषय था, सोशल मीडिया पर प्रतिबंध राष्ट्रहित में। सांत्वना पुरस्कार पाने वालों में सेंट जोंस कॉलेज की एमए अंतिम वर्ष की छात्रा प्रज्ञा पाराशर और डॉ. बीआर आंबेडकर डिग्री कॉलेज, मैनपुरी के बीए द्वितीय वर्ष के छात्र उज्ज्वल कुमार रहे। डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय के ही विश्वजीत चौहान, मथुरा के बाबूलाल महाविद्यालय के अतुल कुमार, फिरोजाबाद के राजकीय महाविद्यालय की फराना और आगरा कॉलेज के राहुल राजपूत ने भी प्रतिभाग किया। सभी को प्रतिभागिता प्रमाणपत्र दिया गया।
प्रतियोगिता में बोलती प्रतिभागी
- फोटो : अमर उजाला
प्रथम पुरस्कार के रूप में 7,000 रुपये, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 5,000 रुपये, तृतीय पुरस्कार के रूप में 2,000 रुपये और सांत्वना पुरस्कार के विजेताओं को 1500-1500 रुपये का चेक प्रदान किया गया। प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले छात्र-छात्राएं प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। राज्य स्तर के विजेता राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे। विषय के विपक्ष में प्रतिभागियों ने कहा कि समस्या सोशल मीडिया नहीं, इसको चलाने वाले हैं। इस पर लोगों की सोच ही प्रदर्शित हो रही है। संस्कार अच्छे हों तो सोशल मीडिया युवाओं को बिगाड़ नहीं सकता। न ही माहौल बिगड़ेगा। विषय के पक्ष में वक्ताओं ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहें फैलाई जा रही हैं। युवा इसमें दिन-रात लगे रहते हैं, उनकी रचनात्मकता खत्म हो रही है। मंच का संचालन महाविद्यालय की उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ. नसरीन बेगम ने किया। डॉ. रंजना मेहरोत्रा, डॉ. लता चंदोला, डॉ. गुंजन बंसल, डॉ. पूनम गुप्ता, डॉ. अनुराधा गर्ग, डॉ. बिंदू अवस्थी, राजबाला ने कार्यक्रम में सहयोग प्रदान किया।
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मुख्य अतिथि प्रो. नंदकिशोर पांडे व प्राचार्य डॉ. नीता गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
मुख्य अतिथि केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक प्रो. नंद किशोर पांडेय ने कहा कि अमर उजाला की ओर से इस महत्वपूर्ण विषय पर विचार रखने के लिए युवाओं को मंच दिया जाना सराहनीय कदम है। सोशल मीडिया से बड़ा वर्ग जुड़ा है, इसने कई व्यक्तियों को पहचान दी है। इसका इस्तेमाल करते हुए युवाओं को अपने संस्कार नहीं भूलने चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं श्रीमती बैकुंठीदेवी कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीता गुप्ता ने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाए तो यह बहुत उपयोगी है। सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाना मानसिक विकार है। अमर उजाला ने एक अच्छे विषय पर छात्र-छात्राओं को अपने विचार रखने का अवसर प्रदान किया।
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विजेता को सम्मानित करते मुख्य अतिथि प्रो. नंदकिशोर पांडे व प्राचार्य डॉ. नीता गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
प्रथम स्थान पाकर जो खुशी मिली है, उसे शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है। अमर उजाला ने मंच दिया था, तभी हम अपने विचार रख
पाए। जूही तिवारी, प्रथम स्थान, अमर उजाला की बदौलत इतने बड़े मंच पर हमें विचार रखने का अवसर मिला। इससे आत्मविश्वास बढ़ा है। यह आगे बहुत काम आएगा। शिवांगी जैन, द्वितीय स्थान, प्रतियोगिता में निष्पक्ष तरीके से निर्णय दिया गया। इतने वक्ताओं के बीच बोलकर अपनी कमियां भी पता चलीं। अच्छा करने की प्रेरणा मिली है। गौरी गर्ग, तृतीय स्थान, वैचारिक प्रस्तुतीकरण के माध्यम छात्र-छात्राओं के पास कम होते हैं। अमर उजाला ने युवाओं को अपने विचार रखने का अच्छा अवसर दिया। प्रज्ञा पाराशर, सांत्वना पुरस्कार, अमर उजाला की बदौलत इतने विद्यार्थियों व विद्वानों के मध्य अपना विचार रखने का मौका मिला। बात रखने में कामयाब हुआ, इसकी खुशी है। उज्ज्वल कुमार, सांत्वना पुरस्कार
पाए। जूही तिवारी, प्रथम स्थान, अमर उजाला की बदौलत इतने बड़े मंच पर हमें विचार रखने का अवसर मिला। इससे आत्मविश्वास बढ़ा है। यह आगे बहुत काम आएगा। शिवांगी जैन, द्वितीय स्थान, प्रतियोगिता में निष्पक्ष तरीके से निर्णय दिया गया। इतने वक्ताओं के बीच बोलकर अपनी कमियां भी पता चलीं। अच्छा करने की प्रेरणा मिली है। गौरी गर्ग, तृतीय स्थान, वैचारिक प्रस्तुतीकरण के माध्यम छात्र-छात्राओं के पास कम होते हैं। अमर उजाला ने युवाओं को अपने विचार रखने का अच्छा अवसर दिया। प्रज्ञा पाराशर, सांत्वना पुरस्कार, अमर उजाला की बदौलत इतने विद्यार्थियों व विद्वानों के मध्य अपना विचार रखने का मौका मिला। बात रखने में कामयाब हुआ, इसकी खुशी है। उज्ज्वल कुमार, सांत्वना पुरस्कार