श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रीराधाकृष्ण की पोशाक तैयार हो चुकी है। इस पोशाक को पिछले सात माह से कारीगर तैयार कर रहे थे। यही पोशाक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (30 अगस्त) को सुबह श्रीराधाकृष्ण धारण करेंगे और मंगला आरती के वक्त भक्तों को नई पोशाक पहनकर दर्शन देंगे। इस बार पोशाक के निर्माण में ज्यादातर रेशम के धागों का प्रयोग किया गया है। लाइट की रोशनी में दिव्य दर्शन होंगे। खास बात यह है कि हर वर्ष पोशाक दान करने में लाखों भक्तों से किसी एक को ही मौका मिलता है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि पोशाक का नाम हरि चंद्रिका है। इसके निर्माण में सात कारीगरों ने पिछले सात माह दिन-रात काम किया है। इसमें सिल्क, जरी और रेशम के धागों का प्रयोग किया गया है। जन्म महोत्सव स्थल पर वेणु-मंजिरिका पुष्प बंगले का निर्माण कराया गया है।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: रेशम के धागों से बनी 'हरि चंद्रिका' पोशाक पहनकर दर्शन देंगे श्रीराधाकृष्ण, मनमोहक छवि देखेंगे भक्त
Sat, 28 Aug 2021 10:40 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 28 Aug 2021 10:40 AM IST
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: श्रीराधाकृष्ण की नई पोशाक
- फोटो : अमर उजाला
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नई पोशाक दिखाते हुए
- फोटो : अमर उजाला
पोशाक के साथ ही ब्रजरत्न मुकुट भी धारण करेंगे। श्रीराधाकृष्ण युगल सरकार नवरत्न जड़ित स्वर्णकंठा, ओढ़नी, पजामा, तेज किरण, पॉजेब, झुमकी, नथ, करधनी, हसली, कंठेश्वरी, कुंडल, तिलक, बिंदी, हार, नथ, चूड़ी व पायलस मोर पंख आदि धारण करेंगे। यह पोशाक हेमंत की टीम ने तैयार की है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान
- फोटो : अमर उजाला
प्रबंध समिति के सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर 29 अगस्त सायं 6 बजे श्रीकृष्ण जन्मभूमि में विराजमान भगवान श्रीकेशवदेव मंदिर में संत एवं भक्तजन ढोल नगाड़ों मंजीरों की मंगल ध्वनि के मध्य दिव्य पोशाक अर्पित करने के लिए नृत्य कीर्तन करते हुए जाएंगे। इसी पोशाक को श्रीराधाकृष्ण युगल सरकार जन्माष्टमी के दिन मंगला दर्शन देंगे और मोर्छलासन, स्वर्ण मंडित रजत कामधेनु स्वरूपा गो प्रतिमा एवं ब्रजरत्न मुकुट के भी दर्शन होंगे।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर मथुरा
- फोटो : अमर उजाला
अनन्य भक्त को ही मिलता है पोशाक दान करने का सौभाग्य
संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि हर साल पोशाक दान करने के लिए लाखों में से किसी एक भक्त को ही मौका मिलता है। मथुरा के भक्त सरोज सिंह व शिशुपाल सिंह बचपन से ही हर रोज भगवान के दर्शन करने आते हैं। साथ ही उनके ही प्रयास से आगरा निवासी शकुंतला समेत अन्य ने श्रीकृष्ण की गोशाला के लिए करोड़ों की जमीन भी दान की। तब भगवान की कृपा हुई और उन्हें इस साल पोशाक दान करने का मौका मिला है। यहां बात पैसे की नहीं है, प्रभु की कृपा जिस पर होगी, उसे ही मौका मिलेगा।
संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि हर साल पोशाक दान करने के लिए लाखों में से किसी एक भक्त को ही मौका मिलता है। मथुरा के भक्त सरोज सिंह व शिशुपाल सिंह बचपन से ही हर रोज भगवान के दर्शन करने आते हैं। साथ ही उनके ही प्रयास से आगरा निवासी शकुंतला समेत अन्य ने श्रीकृष्ण की गोशाला के लिए करोड़ों की जमीन भी दान की। तब भगवान की कृपा हुई और उन्हें इस साल पोशाक दान करने का मौका मिला है। यहां बात पैसे की नहीं है, प्रभु की कृपा जिस पर होगी, उसे ही मौका मिलेगा।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर मथुरा
- फोटो : अमर उजाला
भगवान श्रीकृष्ण 30 अगस्त को 5247 साल के होने जा रहे हैं। उनकी जन्म और लीला भूमि मथुरा में कृष्ण कन्हैया के जन्मोत्सव की तैयारियां चल रही हैं। इस बार अजन्मे के जन्म पर शुभ संयोग, जयंती योग, रोहिणी नक्षत्र, सर्वार्थ सिद्धि और चंद्रमा वृषभ (उच्च) राशि में रहेंगे। हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि मध्यरात्रि को भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। द्वापर युग में मथुरा पुरी में कंस के कारागार में भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में उच्च (वृष) राशि के चंद्रमा में भगवान श्रीकृष्ण ने निशीथ बेला में रात के 12:00 बजे जन्म लिया था। उस समय सूर्य भगवान सिंह राशि पर चल रहे थे। विभिन्न विशेषज्ञों की ज्योतिष गणना के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का 5247 वर्ष के होने जा रहे हैं।