महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बाद प्रदेश में लखनऊ समेत महानगरों में नाइट कर्फ्यू के कदम से ताजमहल पर असर पड़ने लगा है। ताज के दीदार के लिए आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। बुधवार को लखनऊ समेत ज्यादा संक्रमण वाले शहरों में नाइट कर्फ्यू के कदम के बाद ताजमहल पर सैलानियों की बुकिंग निरस्त होने का सिलसिला शुरू हो गया।
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ताजमहल में विदेशी पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
सैलानियों में नाइट कर्फ्यू से खौफ बढ़ गया और बीते साल की मुश्किल घड़ी और लॉकडाउन में फंसने की घटनाओं से बचने के लिए सैलानियों ने ताज देखने का कार्यक्रम स्थगित करना शुरू कर दिया है। टूर आपॅरेटरों के पास ई-मेल आने शुरू हो गए। वहीं, ताजमहल पर पर्यटकों की संख्या भी औसतन 12 हजार से घटकर 5 से 6 हजार तक रह गई है।
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ताजमहल में पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम कर रहे स्थगित
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान ने बताया कि ताजमहल देखने आने वाले सैलानी सुबह आकर शाम को वापस चले जाते हैं, लेकिन अब उन्हें नाइट कर्फ्यू से यह डर है कि लौटने पर वह कैसे पहुंच पाएंगे। नाइट कर्फ्यू से दहशत भी बढ़ी है। इस वजह से ताज देखने का कार्यक्रम स्थगित कर रहे हैं।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
रिस्क लेना नहीं चाहते पर्यटक
टूरिज्म गिल्ड आगरा के उपाध्यक्ष राजीव सक्सेना ने बताया कि रायपुर, लखनऊ समेत देश के कई शहरों में नाइट कर्फ्यू से यह संदेश जा रहा है कि हालात बेहद खराब हैं और यह लॉकडाउन की तरफ बढ़ता हुआ कदम है। ऐसे में लोग पिछली बार की तरह कोई रिस्क लेना नहीं चाहते, इसीलिए बुकिंग कैंसिल हो रही हैं।
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ताजमहल में पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
अनिश्चितता रोक रही कदम
आगरा टूरिज्म डेवलपमेंट फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप अरोड़ा ने कहा कि अपने घर से ताज देखने आएं और पता चले कि नाइट कर्फ्यू या लॉक डाउन लग गया, यह अनिश्चितता ही पर्यटकों के कदम रोक रही है। इसीलिए होली के बाद पर्यटक एकाएक कम हुए हैं। ताज बंद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, पर्यटकों की संख्या ही एकदम कम हो जाएगी।