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दुनिया के लिए सिर्फ अजूबा ही नहीं, पानी बचाने में नजीर भी है खूबसूरत ताजमहल

Fri, 21 Jun 2019 06:49 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 21 Jun 2019 06:49 PM IST
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Rain Water Harvesting in Taj Mahal
ताजमहल
दुनिया का सातवां अजूबा ताजमहल मोहब्बत के साथ पानी की एक एक बूंद बचाने में भी नजीर है। ताजमहल के अंदर फोरकोर्ट में दोनों ओर के बागीचों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की जा रही है, जिसके जरिए 4000 वर्ग फुट क्षेत्र में भूगर्भ जलस्तर बढ़ाने की कवायद हो रही है। 
Rain Water Harvesting in Taj Mahal
बारिश में ताजमहल का नजारा - फोटो : अमर उजाला
एएसआई उद्यान शाखा ने ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट के अंदर फोरकोर्ट के बाग में दस साल पहले तीन लाख रुपये में रेन वाटर हार्वेस्टिंग शुरू की थी, जिसके जरिए हर साल लाखों लीटर पानी जमीन में पहुंचाया जा रहा है।
Rain Water Harvesting in Taj Mahal
ताजमहल के इसी पार्क में लगा वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम - फोटो : अमर उजाला

उद्यान शाखा के उद्यानविद् एससी मीना के मुताबिक ताज के अंदर का बाग पाथवे से नीचा है, जिससे बारिश का पानी यहां पहुंचता है। मुख्य गुंबद से लेकर चमेली फर्श तक ताज का ड्रेनेज सिस्टम ऐसा है कि बारिश का पानी सीधा बाग में पहुंचकर पानी रिचार्ज कर रहा है। किनारे की ओर बड़े पेड़ों के कारण ताज के अंदर कभी भी पानी भरा नजर नहीं आता।

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Rain Water Harvesting in Taj Mahal
आगरा कॉलेज में बना रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के पाइप - फोटो : अमर उजाला

आठ साल पहले आगरा कॉलेज ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग शुरू कराई। पं. गंगाधर शास्त्री भवन, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और पुस्तकालय की छत का पानी रेन वाटर हार्वेस्टिंग के जरिए पाताल में पहुंच रहा है। अब तक चार से पांच लाख रुपये इस पर खर्च हुए हैं। 

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Rain Water Harvesting in Taj Mahal
आगरा कॉलेज में बना रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम - फोटो : अमर उजाला

आगरा कॉलेज के प्राचार्य विनोद माहेश्वरी ने हाल में ही भौतिक विज्ञान विभाग की छत के जरिए पानी बचाने का सिस्टम लगवाया है। भूगर्भ जल विभाग के जरिए पूरा सिस्टम तैयार कराया गया। कॉलेज में ज्यादातर हिस्सा कच्चा है, वहां पार्क के जरिए पानी बचाया जा रहा है। कॉलेज के रसायन विभाग प्रवक्ता डा. अमित अग्रवाल के मुताबिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग देखकर छात्र छात्राएं भी जागरूक हो रहे हैं।

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