रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता श्रीराधारानी का महल। राधे-राधे के जयकारों के साथ रसिकों की वाणी में वृषभानु और कीर्ति मैया को बधाई देते नंदगांव और बरसाना के गोपों के सुरों की गूंज। आसमान से बरसतीं बूंदें और इस भक्ति की अमृत वर्षा में सराबोर होकर झूमते हजारों श्रद्धालु। स्वर्ग सरीखा यह नजारा राधारानी के गांव बरसाने का है। और हो भी क्यों नहीं, आखिर ब्रजभूमि की महारानी राधारानी का जन्मोत्सव है। मथुरा के बरसाना में राधारानी का जन्मोत्सव मनाने के लिए सोमवार को ही आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर तरफ राधारानी के जन्मोत्सव की धूम है। राधारानी के धाम बरसाना में श्रीजी महल को रंग-बिरंगी लाइटों से दुल्हन की तरह सजाया गया है।
राधारानी के जन्मोत्सव की धूम: रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा रहा बरसाना, श्रीजी महल में गूंज रही बधाई
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भाद्रपद शुक्ल अष्टमी के अवसर पर कीरति नंदिनी के जन्म के साथ ही ब्रजाचार्य नारायन भट्ट द्वारा प्रकट विग्रह को चांदी की चौकी और रजत पात्र में विराजमान कर सेवायतों ने मूल शांति के लिए 27 कुओं का जल, 27 पेड़ों की पत्ती, 27 तरह की औषधियों, 27 मेवा व 27 ब्राह्मण, सोने चांदी की मूल मूलनी और कांस्य के बने तेल के छाया पात्र से हवन किया जाएगा। इसके बाद दूध, दही, शहद, बूरा, इत्र, घी, गुलाबजल, गोघृत, पंच मेवा, पंच नवरत्न, केसर आदि से राधारानी के श्रीविग्रह का करीब एक घंटे तक अभिषेक किया जाएगा। इस अवसर पर पूरे बरसाना खासकर श्रीजी महल को दुल्हन की तरह सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनियों से समूचा बरसाना जगमगा रहा है। जन्मोत्सव में शामिल होने देश विदेश से लाखों श्रद्धालुओं यहां पहुंचे हैं।
चप्पे-चप्पे पर छाई जन्मोत्सव की खुमारी
राधा जन्मोत्सव की धूम बरसाना के कोने-कोने में देखी गई। सोमवार को जगह-जगह सोलह शृंगार से सजी धजी सखियां नाच गा रहीं थीं। मंदिर प्रांगण में भी रातभर भक्तों द्वारा बधाई गाकर नृत्य किया गया। तमाम नामी ग्रामी कलाकारों ने भी बरसाना में प्रस्तुति दी।
लाडलीजी मंदिर के रिसीवर डॉ. कृष्ण मुरारी गोस्वामी ने बताया कि भाद्रपद शुक्ल सप्तमी को वनखंडी सेठ के परिवार की चाव आने के बाद रात को श्रीजी महल में भजन संध्या और जच्चा-बच्चा के पद गाए गए। मंदिर रिसीवर के अनुसार विष्णु पुराण में वर्णित प्रक्रिया से लाडली जू का जन्म अभिषेक और मूल शांति पूजा होती है।
राधे जन्म की किलकारी सुन भक्त झूमे
बरसाना में हर ओर उत्सव-उमंग सा माहौल ब्रह्मगिरि पर्वत पर राधाजी के जन्म का उल्लास है। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु ‘बरसाने बजी है बधाई रानी कीरत ने लाली जाई’ पदों पर थिरक रहे हैं। बाबा बृषभान की दहलीज पर राधे जन्म की किलकारी सुनने के लिए भक्त कान लगाए रहे। सखियां खुशियों में झूम रही हैं। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल आदि प्रांतों से आए श्रद्धालुओं ने बरसाना में लघु भारत प्रतीत हो रहा है।