आगरा में फिल्म पुष्पा में जिस तरह से चंदन की लकड़ी की तस्करी करना दिखाया गया था, उसी स्टाइल में गैंग ने हरियाणा से बिहार तक तस्करी करने का तरीका अपनाया। अवैध शराब की पेटियों को प्लास्टिक के पाइप में छिपाकर तस्करी कर रहे थे। मगर, सिकंदरा पुलिस ने शक होने पर पकड़ लिया। सरगना सहित सात तस्कर भी गिरफ्तार किए गए।
मुखबिर से मिली थी सूचना
डीसीपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि बिहार शराब के लिए ड्राई स्टेट है। इस कारण तस्कर हरियाणा से शराब की तस्करी बड़े स्तर पर कर रहे हैं। शुक्रवार रात को मुखबिर की सूचना पर सिकंदरा क्षेत्र में दो कार, एक छोटा लोडर रोका गया। इसमें सात लोग पकड़े गए। लोडर में प्लास्टिक के पाइप लदे थे। पाइपों को हटाया गया तो नीचे शराब की पेटियां मिलीं। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह शराब अलग-अलग तरीके से ले जाते हैं। पहले ओवी वैन बनाकर, चुनाव प्रचार की गाड़ी और पराली में छिपाकर शराब ले जाते रहे हैं।
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शराब की तस्करी
- फोटो : अमर उजाला
इनकी हुई गिरफ्तारी
आरोपियों में रोहतक निवासी मोहित धनकड़, मनीष, बृजेश, दीपक, सोनीपत निवासी नवीन, सुनील और साहिल हैं, जिनसे शराब की 130 पेटी भी मिलीं। इसकी अनुमानित कीमत उत्तर प्रदेश में सात से आठ लाख रुपये है।
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शराब की तस्करी
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पुलिस पूछताछ में मोहित ने बताया कि वह मौसी के बेटे मनीष के साथ मिलकर शराब की तस्करी करता है। हरियाणा में कम कीमत पर शराब मिल जाती है। इसके बाद बिहार में बेच देते हैं।
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शराब की तस्करी
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बिहार में शराब बंदी होने की वजह से एक बोतल दोगुनी कीमत पर बिक जाती है। एक महीने में दो से तीन चक्कर लगा लेते हैं। इससे हर चक्कर पर तीन से चार लाख रुपये की कमाई होती है। इसे आपस में बांट लेते हैं।
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शराब की तस्करी
- फोटो : अमर उजाला
जिस गाड़ी में शराब होती है, उसके आगे सरगना रेकी करते हुए चलते हैं। 24 घंटे में बिहार पहुंच जाते हैं, जहां कई जिलों में शराब बेचकर वापस आ जाते हैं। दो महीने पहले मोहित का माल बिहार में पकड़ा गया था। मगर, वो नहीं पकड़ा गया। एक महीने पहले सोनीपत में मोहित पकड़ा गया। उसे दस दिन जेल में रहना पड़ा। बाद में जमानत पर बाहर आ गया।