आगरा जिले में पुलिस की मुठभेड़ में मारे गए डॉक्टर अपहरण कांड के मुख्य आरोपी एक लाख के इनामी बदन सिंह का शव लेने के लिए शुक्रवार रात तक कोई नहीं आया। उसका शव एसएन मेडिकल कॉलेज में रखा हुआ है। बदन सिंह धौलपुर के कंचनपुर थाना के अब्दुलपुर का रहने वाला था। पुलिस ने थाना कंचनपुर में सूचना दी तो पता चला कि वहां अब उसके परिजन नहीं रहते हैं।
एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि बदन सिंह के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मगर, उसके परिजन नहीं आए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई बदन सिंह के परिचित या रिश्तेदार के बारे में जानकारी रखता है तो पुलिस को सूचना दे। जिससे उसका शव अंतिम संस्कार के लिए सुपुर्द किया जा सके। 72 घंटे तक शव को पोस्टमार्टम गृह में रखा जाएगा। अगर, परिजन या रिश्तेदार नहीं आएंगे तो अंतिम संस्कार पुलिस करेगी।
2 of 6
चंबल के बीहड़ में आगरा पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
धौलपुर के चंबल के बीहड़ में डॉक्टर उमाकांत गुप्ता की पकड़ छोड़ने के बाद बदन सिंह पुलिस से बचने के लिए नोएडा में छिप गया था। उसने अपने पुराने दोस्त अक्षय के घर पर ठिकाना बनाया था। बुधवार दोपहर को अक्षय को लेकर घर से निकला था। जगनेर क्षेत्र में पुलिस की मुठभेड़ में ढेर हो गया। गुरुवार रात को अक्षय की मौत की जानकारी पर पोस्टमार्टम हाउस पर आए परिजनों ने पुलिस को यह जानकारी दी है।
3 of 6
वरिष्ठ चिकित्सक उमाकांत गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी डॉ. उमाकांत का 13 जुलाई को अपहरण किया गया था। इसमें बदन सिंह गैंग का नाम सामने आया था। 14 जुलाई को डॉक्टर को मुक्त करा लिया गया था। वह धौलपुर के बीहड़ में मिले थे। अपहरण में शामिल संध्या और पवन को पुलिस ने जेल भेजा था। बदन सिंह फरार हो गया था। बुधवार रात को वह एटा के राजा का रामपुर निवासी अक्षय के साथ जगनेर क्षेत्र से जा रहा था। पुलिस मुठभेड़ में बदन सिंह और अक्षय ढेर हो गए थे।
4 of 6
मुठभेड़ में मारा गया अक्षय
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार रात को अक्षय के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पर आए। इस दौरान पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने उनसे बदन सिंह के बारे में पूछताछ की। पहले तो परिजन अंजान बने रहे हालांकि बाद में पुलिस के सवालों के आगे जवाब देने पड़े। उन्होंने बताया कि बदन सिंह और अक्षय पहले से एक-दूसरे को जानते थे।
5 of 6
बदन सिंह
- फोटो : अमर उजाला
अक्षय चोरी के मामले में जेल गया था। बदन सिंह भी अपहरण के मामले में जेल में बंद था। तब दोनों की दोस्ती हो गई थी। उस समय अक्षय का परिवार एत्माद्दौला के गौतम नगर में रहता था। बदन सिंह भी उसके घर आने लगा था। मगर, उसने तीन साल पहले सदर के रोहता से दंत चिकित्सक निखिल बंसल का अपहरण किया था। इसका पता चलने पर अक्षय का परिवार नोएडा के गांव खेड़ा चौगानपुर में रहने लगा था।