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Agra News: दवा की कालाबाजारी करने वालों पर 7 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं, जांच भी पड़ी कमजोर
Mon, 15 Aug 2022 01:08 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 15 Aug 2022 01:08 PM IST
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बस्ती मंडल में पकड़ा गया था दवाओं का जखीरा
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती मंडल में पकड़े गए नौ हजार कफ सीरप को भेजने वाले गोयल बंधुओं पर 7 दिन बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। गोदाम की जांच करने के लिए भी औषधि विभाग की टीम नहीं पहुंची है।
दवाओं की जांच करते एनसीबी अधिकारी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
गोदाम की जांच भी नहीं कराई गई है। मुकदमा दर्ज हुए सात दिन से अधिक हो गए हैं। आगरा के सहायक आयुक्त औषधि अखिलेश जैन का कहना है कि बस्ती मंडल की टीम ही कार्रवाई करेगी, उनके विभाग के पास इसकी कोई जानकारी नहीं मिली है।
बस्ती मंडल में पकड़ा गया था दवाओं की जखीरा
- फोटो : अमर उजाला
बस्ती मंडल के सहायक आयुक्त औषधि नरेश मोहन दीपक ने बताया कि इस रैकेट में 17 लोग हैं। ये कफ सीरप और नशे की दवाओं की बांग्लादेश तक कालाबाजारी करते हैं। इनमें से दो के नाम सामने आ चुके हैं, जिन पर मुकदमा भी दर्ज करा दिया है। तीन और दवा माफिया हैं, जिनके प्रतिष्ठान भी फव्वारा दवा बाजार में हैं, इनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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दवाओं का जखीरा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के दवा माफिया
नशे की दवा : वर्ष 2018 में कमला नगर के जितेंद्र अरोड़ा उर्फ विक्की और कपिल अरोड़ा को नशे की दवाओं की पंजाब में कालाबाजारी पर पकड़ा गया था। पंजाब एसटीएफ ने इसके तीन गोदाम सील किए थे। इसका रैकेट 11 राज्यों तक फैला था।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : अमर उजाला
एक्सपायर्ड : वर्ष 2019 में औषधि विभाग ने आवास विकास कॉलोनी निवासी प्रदीप राजौरा और धीरज राजौरा को नकली और एक्सपायर्ड दवाओं की री-पैकिंग के आरोप में पकड़ा। मथुरा में गोदाम से रीपैकिंग की मशीन और नकली दवाएं भी जब्त की गईं।
सैंपल-सरकारी दवा : वर्ष 2020 में कमला नगर में पंकज गुप्ता का अंतरराज्यीय गैंग पकड़ा। इसके यहां से सैंपल और मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों की दवाएं पकड़ी गईं। एसटीएफ की मदद से गैंग के नौ से अधिक गुर्गे गिरफ्तार भी हुए।
गर्भपात किट : वर्ष 2020 में फव्वारा के एके इंटरप्राइजेज पर गर्भपात किट की हरियाणा, राजस्थान में भ्रूण लिंग जांच गैंग को कालाबाजारी के आरोप में कार्रवाई की गई। औषधि विभाग ने इसका लाइसेंस निरस्त करते हुए मुकदमा लिखाया।
सर्जिकल सामान: 2021 में गढ़ी भदौरिया में औषधि विभाग ने चार मंजिला अवैध फैक्टरी पकड़ी। यहां पर उपयोग में लाए गए सर्जिकल ग्लव्स, यूरिन बैग को रीपैक कर कोविड के दौरान बेचते थे। इसका मालिक राजन अग्रवाल मौके से भाग गया था।
सैंपल-सरकारी दवा : वर्ष 2020 में कमला नगर में पंकज गुप्ता का अंतरराज्यीय गैंग पकड़ा। इसके यहां से सैंपल और मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों की दवाएं पकड़ी गईं। एसटीएफ की मदद से गैंग के नौ से अधिक गुर्गे गिरफ्तार भी हुए।
गर्भपात किट : वर्ष 2020 में फव्वारा के एके इंटरप्राइजेज पर गर्भपात किट की हरियाणा, राजस्थान में भ्रूण लिंग जांच गैंग को कालाबाजारी के आरोप में कार्रवाई की गई। औषधि विभाग ने इसका लाइसेंस निरस्त करते हुए मुकदमा लिखाया।
सर्जिकल सामान: 2021 में गढ़ी भदौरिया में औषधि विभाग ने चार मंजिला अवैध फैक्टरी पकड़ी। यहां पर उपयोग में लाए गए सर्जिकल ग्लव्स, यूरिन बैग को रीपैक कर कोविड के दौरान बेचते थे। इसका मालिक राजन अग्रवाल मौके से भाग गया था।