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Saroj Gaurihar passed away: स्वतंत्रता की 'रानी' सरोज गौरिहार के राजकीय सम्मान में हुई लापरवाही

Sun, 28 Aug 2022 08:50 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 28 Aug 2022 08:50 PM IST
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Negligence in the state honor of freedom fighter Rani Saroj Gaurihar in Agra
स्वतंत्रता सेनानी सरोज गौरिहार को श्रद्धांजलि देते केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल - फोटो : अमर उजाला

आगरा में स्वतंत्रता की ‘रानी’सरोज गौरिहार के राजकीय सम्मान में रविवार को लापरवाही हुई। उनकी पार्थिव देह को गार्ड ऑफ ऑनर नहीं मिला। आवास पर शव को तिरंगा में लपेटा गया, लेकिन शस्त्रों से सलामी के लिए गारद नहीं पहुंची। ताजगंज स्थित विद्युत शवदाह गृह पर उनकी अंत्येष्टि हो गई। इस लापरवाही पर वहां विधायक, साहित्य प्रेमियों व समाजसेवियों ने जिलाधिकारी से आपत्ति जताई। फिर आनन फानन गारद बुलाई गई और बंदूकों से सलामी की रस्मअदायगी की गई।


 
आगरा की आखिरी स्वतंत्रता सेनानी 92 वर्षीय रानी सरोज गौरिहार ने रविवार सुबह 4.15 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना से शहर के साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई। शाम चार बजे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार होना था। कमला नगर स्थित उनके आवास पर केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल, प्रदेश की कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य, विधायक व पुलिस-प्रशासन के अधिकारी पहुंचे। 

Negligence in the state honor of freedom fighter Rani Saroj Gaurihar in Agra
स्वतंत्रता सेनानी का पार्थिव शरीर ले जाते लोग - फोटो : अमर उजाला
राजकीय सम्मान के तहत सरोज गौरिहार की पार्थिव देह को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा में लपेटा गया। लेकिन पुलिस गारद द्वारा न तो शस्त्रों से सलामी दी गई न पुलिस बैंड से शोक धुन गाई। यहां से शाम पांच बजे उनकी पार्थिव देह को अंतिम संस्कार के लिए ताजगंज स्थित विद्युत शवदाह गृह ले जाया गया। वहां भी गार्ड ऑफ ऑनर नहीं मिला। 
Negligence in the state honor of freedom fighter Rani Saroj Gaurihar in Agra
डीएम से बात करते भाजपा विधायक - फोटो : अमर उजाला
रानी सरोज गौरिहार के शव को अंत्येष्टि के लिए विद्युत शवदाह भट्टी में रख दिया गया। इस दौरान वहां मौजूद भाजपा विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, साहित्य प्रेमियों व समाजसेवियों ने गार्ड ऑफ ऑनर नहीं मिलने पर वहां मौजूद डीएम प्रभु एन सिंह के समक्ष आपत्ति जताई। 
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Negligence in the state honor of freedom fighter Rani Saroj Gaurihar in Agra
अंतिम संस्कार के दौरान दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर - फोटो : अमर उजाला
डीएम ने फोन पर पुलिस अधिकारियों से वार्ता की। फिर आनन-फानन गारद बुलाई गई। जवानों से विद्युत शवदाह भट्टी के बाहर बंदूकों से सलामी की रस्म अदायगी की गई। प्रशासन की इस लापरवाही से मोक्षधाम में लोग क्षुब्ध नजर आए। शाम छह बजे रानी पंचतत्व में विलीन हो गईं।
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अमर उजाला अखबार पढ़तीं रानी सरोज गौरिहार - फोटो : अमर उजाला
रानी सरोज गौरिहार का जन्म जगन प्रसाद रावत और सत्यवती रावत के घर हुआ था। उन्होंने स्वाधीनता आंदोलन में बढ़ चढ़कर भाग लिया था। उनका साहित्य से भी गहरा जुड़ाव था। नागरी प्रचारिणी सभा के अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने साहित्य के लिए भी कार्य किया। वह सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहती थीं।
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