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मां का दुख सहन नहीं कर सके बेटे, आश्रय सदन से घर ले जाकर निभाया 'दूध का फर्ज'
Sun, 12 May 2019 07:18 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 12 May 2019 07:18 PM IST
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मां को घर ले जाता बेटा
- फोटो : अमर उजाला
तू कितनी अच्छी है, तू कितनी भोली है, प्यारी-प्यारी है...ओ मां। बच्चों के जीवन में मां का स्थान कोई भर नहीं सकता। किन्हीं विषम परिस्थितियों में मां से अलग होने को मजबूर हुई संतान को उनका अभाव कचोटता ही है। अपने अंतिम समय को वृद्धा आश्रम में गुजार रहीं माताओं की याद जब उनके बच्चों को आई तो उनसे रहा नहीं गया। तीन महिला आश्रय सदनों से 50 माताओं को पुन: अपने परिवार का संग मिल चुका है।
आश्रय सदन में रह रहीं माताओं का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
नगर के चैतन्य विहार स्थित तीन मीरा आश्रय सदनों से अब तक 50 माताओं को उनके बहु-बेटे और बेटियां अपने साथ ले गई हैं। यूं तो उड़ीसा निवासी श्रीमति पिछले करीब 10 वर्षों से वृंदावन में रहकर भक्ति में लीन थीं। लेकिन, जब उनके स्वास्थ्य खराब होने की खबर परिजनों को लगी तो वे भी उनसे मिले बिना नहीं रह सके, वृद्धा की नातिनी स्वागिता उन्हें अपने साथ ले गईं।
आश्रय सदन से मां को घर ले जाता बेटा
- फोटो : अमर उजाला
विगत 15 साल से वृंदावन में दिन गुजार रही पश्चिम बंगाल निवासी 75 वर्षीय मालती सरकार के बेटे को जब मां की कमी महसूस हुई तो वे भी दौड़ लिए वृंदावन की ओर। मां-बेटे का यह मिलन देख उस समय हर आंख नम थीं।
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आश्रय सदन में रह रहीं माताओं का फाइल फोटो
श्रीमति और मालती तो चंद उदाहरण हैं, नगर के तीन आश्रय सदन में सितंबर, 2015 से अब तक 50 वृद्ध माताएं अपने घर लौट चुकी हैं। चार जनवरी, 2019 को उर्मिला सरकार नामक महिला को उनकी बेटी मंजू पाल ले गईं। 5 मार्च, 2018 को पार्वती नामक महिला को उनके बेटे नारायण ले गए थे।
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आश्रय सदन से मां को घर ले जाता बेटा
- फोटो : अमर उजाला
मीना घोष, सरस्वती दास, रघुदासी, गीता पाल, फूलमाला सरकार, कृष्णा बाई, किरन शर्मा, प्रेम ठाकुर, ऊषा दास, कमला बाई, मुन्नी देवी सिकरवार, गीता मंडल, शिव कुमारी, माया शाह, सुंदर मंडल, मल्लिका अहिल्या, कमलमति, दुर्गा शर्मा, प्रमिला सरकार, मीरा सिंह, ममता शाह, सुषमा मंडल, निशारानी हलदर, श्रीमति, बीना बाई, कौशल्या देवी, गौरी विश्वास, धनवंती देवी, शकुंतला देवी, मूर्ति दासी, लतिका सरकार, सीता देवी, पार्वती बुधोलिया, मालती सरकार, लीलावती, कमला बाई, चमेली देवी, जोशना सरकार, द्रोपदी ठाकुर, श्यामा दासी, प्रमिला दासी, प्राची शाह, कमला देवी, फूल रानी, पार्वती, निलिमा कौर, जमुना देवी, आरती रावत, उर्मिला सरकार आदि वृद्ध माताओं को परिवार का संग मिल चुका है।