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जवान की शहादत भूल गई 'सरकार', साल भर बाद भी नहीं बना शहीद का स्मारक
Wed, 15 May 2019 04:24 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 15 May 2019 04:24 PM IST
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शहीद देवेंद्र सिंह बघेल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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शहीद देवेंद्र सिंह बघेल का स्मारक एक साल में भी नहीं बन पाया है। उनकी शहादत को याद करने के लिए बुधवार को लखनपुर गांव में सैकड़ों लोग जुटेंगे। एक बार फिर यह मुद्दा उठेगा कि नेताओं के वादे पूरे क्यों नहीं हुए। इस एक साल में शहीद की पत्नी पिंकी और अन्य परिवारीजनों ने लगातार संघर्ष किया है स्मारक के लिए। तमाम नेता आश्वासन देने आए लेकिन किसी ने भी वादा पूरा नहीं किया।
शहीद जवान देवेंद्र सिंह का शव रखकर प्रदर्शन करते लोग (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
लखनपुर के लाल देवेंद्र सिंह बघेल बीएसएफ में थे। जम्मू कश्मीर के कठुआ सेक्टर में बॉर्डर पर शहीद हुए थे। 15 मई 2018 की बात थी। पाकिस्तान की तरफ से आतंकियों की घुसपैठ कराए जाने की तैयारी थी। इसके लिए पाकिस्तानी सेना कवर फायर दे रही थी। लखनपुर का लाल दुश्मन के नापाक इरादों को तुरंत भांप गया। उन्होंने गोली का जवाब गोली से दिया। उनकी आंख में गोली लग गई। खून बहने लगा लेकिन बंदूक नहीं छोड़ी। मोर्चे पर डटे रहे। उनकी जान चली गई लेकिन घुसपैठ को नाकाम कर दिया।
शहीद का पार्थिव शरीर उतारते बीएसएफ जवान (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
17 मई को लखनपुर में शहीद की पार्थिव देह का दाह संस्कार किया गया। उस दिन भी भारी बवाल हुआ था। जिस जगह शहीद का दाह संस्कार हुआ, गांव के लोग वहीं पर उनका स्मारक बनाना चाहते थे। एडीए के अधिकारी इसके लिए राजी नहीं हुए। बाद में एडीए के पार्क में जमीन दी गई। वादे किए गए कि शहीद का स्मारक बनेगा, गांव का द्वार बनेगा शहीद के नाम से, स्कूल का नाम शहीद के नाम पर होगा।
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शहीद स्मारक के लिए विधायक हेमलता से बात करते शहीद के पिता (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
अधिकारियों ने कहा कि शहीद के परिवार से किसी एक सदस्य को नौकरी दिलाई जाएगी। अभी तक वादे अधूरे हैं। शहीद के स्मारक का काम चल रहा है। शहीद की पहली बरसी पर बुधवार को लखनपुर और आस पास के गांवों के लोग अपने बहादुर लाडले को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए पहुंचेंगे। इस दौरान कई नेता भी मौजूद रहेंगे।
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शहीद जवान देवेंद्र सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
एक साल बाद फिर से शहीद देवेंद्र सिंह बघेल के स्मारक के लिए परिवार जद्दोजहद करेगा। आगरा में शहीद के सम्मान के लिए स्मारक बनाने के लिए कई बार मांग हुई। देखना होगा कि बुधवार को प्रशासन का रुख किस ओर रहेगा।