ताजमहल के रॉयल गेट को रॉयल लुक देने वाले ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड कर्जन के ब्रास लैंप को गुरुवार को एएसआई ने दोबारा लगवा दिया। इस चार फुट लंबे भारी भरकम लैंप को रॉयल गेट पर लगाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
ताजमहल के रॉयल गेट पर लगाया गया 110 साल पुराना लैंप, बेहद रोचक है इसका इतिहास
ताजमहल के रॉयल गेट पर लगे 110 साल पुराने ब्रास लैंप को ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड कर्जन ने भेंट किया था। वर्ष 2015 में यह लैंप गिर पड़ा था, जिसे एएसआई ने सुरक्षित रखवा दिया था। केमिकल ब्रांच ने इसकी सफाई की, जिसके बाद यह लैंप चमकने लगा।
ताजमहल के रॉयल गेट पर लगाया गया 110 साल पुराना लैंप, बेहद रोचक है इसका इतिहास
इस भारी भरकम लैंप को दोबारा इसकी जगह लगाने के लिए एएसआई के कर्मचारी तकरीबन एक माह से कवायद कर रहे थे। रॉयल गेट पर स्टील की चेन बांधी जा चुकी थी। चेन के साथ ही इस लैंप को तार से भी बांधा गया, ताकि तेज हवा या तूफान में भी इसे कोई नुकसान नहीं पहुंच सके।
ताजमहल के रॉयल गेट पर लगाया गया 110 साल पुराना लैंप, बेहद रोचक है इसका इतिहास
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कब्रों के ऊपर टंगा ऐतिहासिक लैंप
ब्रिटिश शासन में भारत में वायसराय लार्ड कर्जन ने 1908 में मिश्र में विशेष रूप से डिजाइन किए गए ब्रास के दो लैंप ताजमहल के लिए बनवाए थे। इनमें से एक लैंप मुख्य गुंबद में शाहजहां व मुमताज की कब्रों के ऊपर लगा है, जबकि दूसरा रॉयल गेट पर लगाया गया था।
ताजमहल के रॉयल गेट पर लगाया गया 110 साल पुराना लैंप, बेहद रोचक है इसका इतिहास
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ऐतिहासिक लैंप
- फोटो : अमर उजाला
तत्कालीन वायसराय लार्ड कर्जन ने ताजमहल का न केवल रखरखाव कराया, बल्कि इसके बागीचों और गुंबद का संरक्षण भी कराया। इस डिजाइन का लैंप मिस्र की राजधानी काइरो की मस्जिद में लगा हुआ है। इसे देखकर ही कर्जन ने मिस्र से ताज के लिए खासतौर पर लैंप बनवाया।