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इन कारणों से ब्रज में फेल हो गया गठबंधन का गणित, मिली करारी हार
Fri, 24 May 2019 09:08 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 24 May 2019 09:08 AM IST
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रैली में मंच पर एक-साथ मायावती अखिलेश और चौधरी अजित सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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मोदी की सुनामी पूरे देश में चली। ब्रज में गठबंधन का गणित पूरी तरह से फेल हो गया। ब्रज में गठबंधन को मिली करारी हार के पीछे पार्टी की गलतियां भी कम जिम्मेदार नहीं हैं। जानकारों की मानें तो आगरा और सीकरी में बसपा के नेताओं ने ही 'हाथी' के पांव में बेड़ियां डाल दीं। कई नेता बागी हो गए। कई बीच चुनाव पार्टी छोड़ गए। कई ऐसे हैं, जो सक्रिय नहीं रहे। फिर हाथी कैसे मंजिल तक पहुंचता।
समर्थकों के साथ बसपा प्रत्याशी मनोज सोनी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
आगरा से टिकट मिला मनोज सोनी को तो कई बसपाइयों ने विरोध शुरू कर दिया और नाम चलाया कुंवर चंद वकील का। बसपा ने कुंवर चंद वकील को ही बाहर का रास्ता दिखा दिया। विरोध अंदर ही अंदर चलता रहा। मनोज सोनी को बाहरी बताया जा रहा था। आगरा और सीकरी में पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की पकड़ मजबूत है लेकिन वह बसपा के उम्मीदवारों के साथ नजर नहीं आए।
गले मिलते भाजपा के एसपी सिंह और बसपा के रामवीर उपाध्याय (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
कभी भाजपा उम्मीदवार एसपी सिंह बघेल से गले मिलते उनका फोटो वायरल होता तो कभी राजकुमार चाहर को आशीर्वाद देने का संदेश। फिर फायदा किसे मिलता? पूर्व विधायक धर्मपाल, भगवान सिंह कुशवाहा, सूरजपाल बीच चुनाव पार्टी छोड़ गए। ऐसे में बसपा को पूरा लाभ नहीं मिल सका।
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गठबंधन की रैली को संबोधित करते आकाश आनंद (फाइल फोटो)
गठबंधन की रैली में बसपा अध्यक्ष मायावती के न आ पाने से भी बसपा को नुकसान हुआ। मायावती पर चुनाव आयोग ने रैली न करने की जो पाबंदी लगाई थी, उसी के कारण वह कोठी मीना बाजार की रैली में नहीं आ पाईं। यहां आकाश ने चुनावी रैली को संबोधित किया था।
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श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित (फाइल)
फतेहपुर सीकरी में एक के बाद एक बसपा के उम्मीदवार बदलते गए। पहले सीमा उपाध्याय ने मैदान छोड़ा। फिर दिल्ली के कारोबारी राजवीर को टिकट मिला। उनका भी पत्ता साफ हो गया। आखिर में डिबाई से श्रीभगवान शर्मा आए पर चल नहीं पाए।