{"_id":"5ea567248ac95367406f63fb","slug":"lockdown-on-banke-bihari-charan-darshan-2020-on-akshaya-tritiya-vrindavan","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"वृंदावनः ठाकुर बांकेबिहारी के चरण दर्शन की मनोहारी छवि से भक्त रहे वंचित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वृंदावनः ठाकुर बांकेबिहारी के चरण दर्शन की मनोहारी छवि से भक्त रहे वंचित
Sun, 26 Apr 2020 04:24 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 26 Apr 2020 04:24 PM IST
विज्ञापन
लॉकडाउन के चलते अक्षय तृतीय पर बंद बांकेबिहारी का मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
चंदन का लेप, चरणों में पाजेब और पीले रंग का मुकटा (धोती) पहने ठाकुर बांकेबिहारीजी की मनोहारी छवि अलग ही छठा बिखेर रही थी। कमी थी तो दर्शन करने वाले भक्तों की। साल में एक बार चरणों के दर्शन करने को लालायित भक्त लॉकडाउन के चलते वंचित रह गए।
Trending Videos
ठाकुर श्रीराधा सनेह बिहारीजी मंदिर में पूजा-अर्चना करते सेवायत
- फोटो : अमर उजाला
ठाकुर श्रीराधा सनेह बिहारीजी मंदिर समेत वृंदावन के अधिकतर मंदिरों के भक्तों ने ऑनलाइन दर्शन करके अपने को धन्य समझा। अक्षय तृतीया पर साल में एक बार ठाकुर बांकेबिहारीजी के दर्शन होते हैं। सुबह मंदिर के सेवायत जुगल किशोरी गोस्वामी ने ठाकुरजी का चंदन लेप करने के बाद चरणों में पाजेब और मुकटा धारण कराया। इसके बाद सतुआ के लड्डू का भोग, खरबूज और तरबूज भी ठाकुरजी को अर्पित किए गए।
ठाकुर श्रीराधा सनेह बिहारीजी मंदिर में पूजा-अर्चना करते सेवायत
- फोटो : अमर उजाला
शाम को सेवायत सुनील गोस्वामी (बड़े लाला) ने ठाकुरजी के सर्वांगीण दर्शन की सेवा-पूजा की। सेवायत गोपी गोस्वामी ने बताया कि साल में एक बार चरण दर्शन में भीड़ उमड़ती है, पर लॉकडाउन के कारण दर्शन को भीड़ नहीं आ सकी। उधर, ठाकुर श्रीराधा सनेह बिहारी मंदिर में चरण दर्शन ऑनलाइन हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
सेवायत आचार्य अतुल कृष्ण गोस्वामी ने मंदिर में आरती करके सतुआ के लड्डू, खरबूज और तरबूज का भोग लगाया। कोरोना वायरस से देश को मुक्त करने की कामना की गई, वहीं 101 परिवारों को 15 दिन का राशन बांटा गया। आचार्य ने कहा कि ठाकुरजी की प्राकट्य प्रेम रस की सरिता प्रभावित कर अपने भक्तों को परमानंद देने के लिए हुआ है।
विज्ञापन
रथ पर सवार होकर निकले ठाकुर बांकेबिहारी महाराज (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
इस दिन चरण दर्शन करने से भक्तों की मनोकामना पूरी होती है। नगर के इस्कॉन, प्रेम मंदिर आदि मंदिरों के दर्शन ऑनलाइन हुए। गौड़ीय संप्रदाय से जुड़े देवालयों में ठाकुरजी के श्रीविग्रह का सुगंधित चंदन से संपूर्ण श्रृंगार किया गया।