भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला स्थली में कन्हैया के जन्म का उल्लास अभी भी जारी है। वृंदावन स्थित दक्षिणात्य शैली के श्रीरंग जी मंदिर में कृष्ण कन्हैया का प्राकट्योत्सव उत्साह पूर्वक मनाया गया। पुजारियों ने गुरुवार-शुक्रवार रात ठाकुर जी के जन्मोत्सव का अभिषेक किया। इस खास मौके पर भगवान श्री रंगनाथ ने मुरली, लकुटिया धारण कर दर्शन दिये।
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वृंदावन के श्रीरंगजी मंदिर में मनाई गई जन्माष्टमी
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर भारत मे दक्षिणात्य शैली के श्री रंगजी मंदिर में दक्षिण भारतीय पद्धति के अनुरूप नित्योत्सव: का आयोजन वैदिक परम्परानुसार किया जाता है। मंदिर पंचांग के अनुसार जब तिथि व नक्षत्र का संयोग होता है तभी उत्सव व पर्व को पूर्ण मान्यता मिलती है।
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श्री रंगजी मंदिर वृंदावन
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इसी मान्यता अनुसार ही श्री रंगजी मंदिर में जन्माष्टमी से एक माह बाद श्री कृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। ठाकुरजी के विग्रह को मुख्य जगमोहन में विराजमान कर गो दुग्ध, दधि, मधु, शर्करा, घृत, इत्र, आदि से पन्चामृत महाभिषेक किया। तदोपरांत चन्दन लेपन कर वैदिक ऋचाओं के साथ सहस्त्राभिषेक किया गया।
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श्री रंगजी मंदिर वृंदावन
- फोटो : अमर उजाला
अभिषेक के उपरांत नवीन वस्त्राभूषण धारण करा मुरली व लकुटिया से सुशोभित किया गया। भगवान को स्वर्णरजत निर्मित पालने में विराजित किया गया।
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ठाकुरजी
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि कोरोना काल के कारण विगत करीब छह माह से मंदिर के मुख्यद्वार आम भक्तों के लिये बंद हैं। मंदिर परिसर के अंदर निवासरत भक्तों को ही प्रवेश की अनुमति दी गयी थी। उन्हीं भक्तों ने ठाकुरजी को पालने में झुलाकर अपने आप को कृतार्थ किया।