उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में सिपाही देवेंद्र सिंह की हत्या और दरोगा अशोक कुमार पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने गुरुवार को एक आरोपी नबाव को गिरफ्तार कर लिया। जबकि मुख्य आरोपी शराब माफिया मोती सिंह का अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उसकी व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें कॉम्बिंग कर रही हैं। अगली स्लाइड्स में पढ़िए हिस्ट्रीशीटर मोती सिंह के अपराधों का काला चिट्ठा...
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कासगंज हत्याकांड: आरोपी नवाब गिरफ्तार, मुख्यारोपी मोती का नहीं सुराग, 50 हजार का इनाम घोषित
Thu, 11 Feb 2021 12:12 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 11 Feb 2021 12:12 PM IST
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कासगंज हत्याकांड: मुख्य आरोपी मोती सिंह (दायें तरफ की तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज हत्याकांड: यहीं पर हुई थी पुलिसकर्मियों से बर्बरता
- फोटो : अमर उजाला
शराब माफिया मोती सिढ़पुरा की काली नदी के कटरी के इलाके में सात सालों से अवैध शराब की भट्टी चला रहा था। पुलिस उस पर मुकदमे दर मुकदमे तो दर्ज करती रही लेकिन ऐसी प्रभावी कार्रवाई नहीं की वह अवैध धंधा छोड़ देता। शराब की भट्टियां तक पुलिस ने कभी बंद नहीं कराईं। यही वजह मानी जा रही है कि मंगलवार को दरोगा और सिपाही के भट्टी तक पहुंचने पर वह और उसके गुर्गे बौखला गए।
कासगंज हत्याकांड: यहीं पर हुई थी पुलिसकर्मियों से बर्बरता
- फोटो : अमर उजाला
मोती के खिलाफ सिढ़पुरा थाने में 11 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से अधिकांश मुकदमे अवैध शराब के हैं। वह थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। काली नदी के खादर में मोती द्वारा लगाई गई भट्ठियों वाले स्थान पर पुलिस जाने से बचती थी। शराब की यह भट्ठियां गड्ढों और बालू के टीलों बीच धधक रही थीं। उसके खिलाफ पहला केस 2015 में दर्ज हुआ था। 2014 से वह कच्ची शराब बना रहा था। उस पर गुंडा एक्ट और आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किए थे।
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कासगंज हत्याकांड: घायल दरोगा अशोक कुमार, शहीद सिपाही देवेंद्र सिंह का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को मिली अवैध शराब की भट्टियां
सिपाही देवेंद्र सिंह की हत्या के बाद पुलिस को मौके पर खादर की जमीन में बने गड्ढों में शराब बनाने की लहन बरामद हुई। ड्रम, भगोने व अन्य बर्तन व शराब बनाने के उपकरण भी मिले। पुलिस ने मौके पर मिली लहन को नष्ट कराया और भट्ठियों को भी तोड़ दिया।
सिपाही देवेंद्र सिंह की हत्या के बाद पुलिस को मौके पर खादर की जमीन में बने गड्ढों में शराब बनाने की लहन बरामद हुई। ड्रम, भगोने व अन्य बर्तन व शराब बनाने के उपकरण भी मिले। पुलिस ने मौके पर मिली लहन को नष्ट कराया और भट्ठियों को भी तोड़ दिया।
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कासगंज कांड: मुठभेड़ में आरोपी ढेर एलकार
- फोटो : अमर उजाला
एलकार का भी है आपराधिक इतिहास
मुठभेड़ में ढेर शराब माफिया एलकार का भी पुराना आपराधिक इतिहास है। सिढ़पुरा में उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के चार मुकदमे दर्ज हैं, जो उस पर वर्ष 2010, 2015, 2018 व 2020 में दर्ज हुए थे। सिपाही की हत्या के केस में भी वह आरोपी है।
मुठभेड़ में ढेर शराब माफिया एलकार का भी पुराना आपराधिक इतिहास है। सिढ़पुरा में उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के चार मुकदमे दर्ज हैं, जो उस पर वर्ष 2010, 2015, 2018 व 2020 में दर्ज हुए थे। सिपाही की हत्या के केस में भी वह आरोपी है।