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कार्तिक पूर्णिमा: गंगा-यमुना के घाटों पर स्नान को उमड़े श्रद्धालु, नहीं दिखा कोरोना का डर
Tue, 01 Dec 2020 12:05 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज/आगरा/मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज/आगरा/मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 01 Dec 2020 12:05 AM IST
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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा और यमुना में किया स्नान
- फोटो : अमर उजाला
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कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को गंगा और यमुना के घाटों पर आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा। कासगंज जिले के सोरों, लहरा और कछला में गंगा घाटों पर तड़के चार बजे से ही गंगा स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। मथुरा और आगरा में श्रद्धालुओं ने यमुना में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा अर्चना की। कोरोना संक्रमण का खौफ और सर्दी की परवाह किए बिना श्रद्धालु सुबह से ही घाटों पर जुटने लगे थे। कई लोग बिना मास्क के पहुंच रहे हैं। घाटों पर सामाजिक दूरी का पालन भी नहीं किया जा रहा है।
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कछला घाट पर श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक कार्तिक पूर्णिमा का स्नान विधि विधानपूर्वक करने से सद्बुद्धि की प्राप्ति होती है। रोगों का नाश होता है। गंगाघाटों पर दीपदान करने से मनौती पूरी होती है। इसी आस्था भाव से गंगा घाटों पर श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कासगंज के ज्योतिषाचार्य पंडित राहुल वशिष्ठ ने बताया कि रविवार को दोपहर 12:45 बजे से कार्तिक पूर्णिमा तिथि का शुभारंभ हो गया। जो सोमवार दोपहर 3 बजे तक रहेगी। सुबह उदय तिथि में सोमवार को स्नान करने से पुण्य लाभ मिलेगा।
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लहरा घाट पर गंगा में स्नान करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
ज्योतिषाचार्य का कहना है कि इस कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली पर्व होने का भी बड़ा महत्व है। देवउठनी के दिन देवता जागृत होते हैं और कार्तिक पूर्णिमा के दिन घाटों पर स्नान कर दिवाली मनाते हैं। इसलिए इसे देव दिवाली कहा जाता है। इसी दिन संध्या काल को मत्स्यावतार हुआ था। इस पूर्णिमा को ब्रह्मा, विष्णु, शिव, अंगिरा और आदित्य आदि ने महापुनीत पर्व प्रमाणित किया है। इस दिन विधि-विधानपूर्वक पूजा करने से मनौतियां पूरी होती हैं।
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गंगा घाट पर श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर ही सोरों, लहरा और कछला में गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। तीर्थनगरी सोरों में राजस्थान, मध्यप्रदेश सहित, प्रदेश के सुदूर इलाकों से श्रद्धालु पहुंचे। सोरों स्थित हरि की पौड़ी में भी श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
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सोरों स्थित हरि की पौड़ी
- फोटो : अमर उजाला
सोरों थानाध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि गंगा स्नान को लेकर प्रशासन ने तैयारियां की हैं। लहरा घाट पर एक कंपनी पीएसी गोताखोरों की तैनात की गई है। लहरा से कछला तक जगह जगह पुलिस फोर्स एवं यातायात पुलिस लगी है। मेला परिसर में श्रद्धालुओं के लिए वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था की है।
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