भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेदबाज दीपक चाहर ने गुरुवार को वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा संचालित आगरा बेयर रेस्क्यू फैसिलिटी सेंटर का दौरा किया। भारत में भालुओं, वन्यजीव संरक्षण और संरक्षण केंद्र में मौजूद बचाए गए 'डांसिंग भालुओं' की देखभाल के प्रयासों के बारे में जानकारी प्राप्त की। दीपक चाहर अपनी बहन मालती चाहर के साथ यहां आए।
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भालू संरक्षण केंद्र में क्रिकेटर दीपक चाहर
- फोटो : वाइल्ड लाइफ एसओएस
दीपक चाहर ने पुनर्वास केंद्र में मौजूद भालुओं के बारे में जाना, जो कभी भारत में सदियों पुराने 'डांसिंग बियर' व्यापार का हिस्सा थे। बता दें कि यह संरक्षण केंद्र उत्तर प्रदेश वन विभाग के सहयोग से वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा आगरा में संचालित किया जाता है।
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दीपक और मालती चाहर
- फोटो : अमर उजाला
दीपक चाहर ने केंद्र के अंदर स्थित वाइल्डलाइफ अस्पताल का भी दौरा किया। जहां भालुओं के लिए रूट कैनाल जैसी विशेष उपचार प्रक्रियाओं को आधुनिक तरीके से किया जाता है। दीपक चाहर ने अस्पताल में मौजूद आधुनिक सुविधाएं जैसे कि पोर्टेबल एक्स-रे, लेजरथेरेपी और अल्ट्रासाउंड के बारे में भी जाना। वाइल्डलाइफ एसओएस ने पूरे भारत से 628 से अधिक ऐसे डांसिंग भालुओं को बचाया था।
क्रिकेटर ने पूरे देश में वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा किए जा रहे संरक्षण कार्यों की सराहना की। भाई-बहन की जोड़ी ने पशु चिकित्सकों और कर्मचारियों को जानवरों की देखभाल के प्रयासों के लिए धन्यवाद भी दिया। उन्होंने टीम के लिए ऑटोग्राफ पर भी हस्ताक्षर किए।
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पिता और बहन के साथ दीपक चाहर
- फोटो : अमर उजाला
दीपक चाहर ने अपने अनुभव के बारे में बताते हुए कहा, केंद्र का दौरा करने और भालुओं के बारे में अधिक जानने का एक शानदार अनुभव था। वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा किया गया कार्य वास्तव में सराहनीय है। कहा कि मैं यहां मौजूद पूरी टीम का शुक्रगुज़ार हूं, जो बचाए गए जानवरों की देखभाल करने में कठिन परिश्रम करती है।