फुलवारी और हरियाली का शौक ऐसा कि घर को ही ग्रीन हाउस में तब्दील कर दिया। इस शौक की वजह से सेवानिवृत्त बैंककर्मी चंद्रशेखर को अब ग्रीनमैन कहा जाता है। चंद्रशेखर अपना ज्यादातर समय खुद से तैयार किए गए ग्रीन हाउस में ही बिताते हैं।
700 वर्ग गज में बना है घर
शाहगंज के भोगीपुरा निवासी ग्रीनमैन चंद्रशेखर शर्मा ने 700 वर्ग गज में बने घर को ग्रीन हाउस में तब्दील कर दिया है। यहां उन्होंने सभी बाहरी दीवारों पर बोगनबिलिया, चंपा, मधु मालती, चमेली, बेला और कनेर के पौधे लगाए हैं। कई जगह करेले, सेम और तोरई की बेल है, जो फूलदार कील की मदद से दीवार पर चढ़ाई है। यह दीवार पर नौ से 12 इंच तक चौड़ाई में है। आंगन की चारों दीवारों पर बेल के साथ नीबू, किन्नू, नारंगी लगाए है।
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बैंककर्मी चंद्रशेखर
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने इसके अलावा अशोक का पेड़ भी लगाया है। सेवानिवृत्त बैंककर्मी चंद्रशेखर बताते है कि उन्हें बागवानी का शौक तो बचपन से ही था।
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ग्रीन हाउस
- फोटो : अमर उजाला
उन्होने बताया कि 1993 में सर्किट हाउस में लगी पुष्प प्रदर्शनी में मिले एक चैलेंज के बाद उन्होंने अपने घर में एक बगिया बनाई।
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ग्रीन हाउस
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इसको देखने के लिए विदेशी पर्यटक भी आ चुके है। 2020 में आगरा के ईपीएफओ कमिश्नर आरके पाल ने उन्हें ग्रीन मैन की उपाधि से सम्मानित किया था।
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ग्रीन हाउस
- फोटो : अमर उजाला
चंद्रशेखर शर्मा ने बताया कि आगरा के खारे पानी के करण जीरोफाइट पौधों के साथ कैक्टस, देसी गुलाब फाइकस परिवार के पौधे लगाए है। इनसे भरपूर ऑक्सीजन मिलती है।