आगरा में शनिवार को दोपहर दो बजे बाह के धोबई गांव के प्राइमरी स्कूल के कमरे में बंद मिली 8 वर्षीय बच्ची को डायल 100 पुलिस ने ताला तोड़कर बाहर निकाला। बेहोशी की हालत में बच्ची को सीएचसी में भर्ती कराया। बच्ची की गर्दन किवाड़ों के बीच फंसी हुई थी।
वह पैर छटपटा रही थी। यह नजारा देख गांव के लोगों ने आक्रोश व्यक्त किया है। सूचना पर सीएचसी पहुंचे बीईओ बृजराज सिंह ने बच्ची का हाल जाना। देरशाम बीएसए ने प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया।
बताया गया है कि शनिवार को दोपहर में एक बजे छुट्टी के बाद प्रधानाध्यापिका तरन्नुम समेत अन्य शिक्षिकायें स्कूल का ताला बंद कर घर चली गईं। स्कूल के कमरे में कक्षा दो की छात्रा साक्षी पुत्री रामहरी रह गई। दोपहर दो बजे तक साक्षी के घर न पहुंचने पर उसकी मां विमलेश स्कूल पहुंच गईं। अन्दर का नजारा देखकर उसकी चीख निकल गई।
साक्षी की गर्दन क्लास रूम के किवाड़ों के बीच फंसी हुई थी। बाहर पैर छटपटा रहे थे। उसकी चीख पुकार पर पहुंचे ग्रामीणों ने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ताला तोड़कर साक्षी को बाहर निकाला। बेहोशी की हालत में उसे सीएचसी में भर्ती कराया। ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापिका की लापरवाही पर आक्रोश व्यक्त किया।
घटना की जानकारी होने पर बीईओ बृजराज सिंह सीएचसी पहुंचे और साक्षी की सेहत का हाल जाना। उन्होंने बताया कि घटना को लेकर प्रधानाध्यापिका का स्पष्टीकरण तलब किया गया है। बीएसए को रिपोर्ट भेज दी गई है। वहीं, प्रधानाध्यापिका तरन्नुम घटना को लेकर हैरान हैं। उनका कहना है कि ताला बंद करते समय विद्यालय के कक्षों में कोई बच्चा नहीं था।