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ब्रज में बेसहारा गोवंश की 'मां' बनीं जर्मनी की 'सुदेवी', पद्मश्री से होंगी सम्मानित
Sun, 27 Jan 2019 01:39 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राधाकुंड (मथुरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राधाकुंड (मथुरा)
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 27 Jan 2019 01:39 PM IST
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sudevi dasi got padma shri
- फोटो : अमर उजाला
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ब्रजभूमि पर निस्वार्थ भाव से गोसेवा कर रहे संत रमेश बाबा और जर्मन की फ्रेडरिक इरिना ब्रूनिंग 'सुदेवी दासी' को पद्मश्री सम्मान देने की घोषणा की गई है। पद्म सम्मान मिलने पर दोनों गोपालकों ने खुशी जाहिर की है। इनमें राधाकुंड में 40 वर्षों से बीमार और असहाय गोवंश की सेवा में जुटी सुदेवी दासी को गोवंश की मां भी कहा जाता है। उनकी कहानी गोसेवा की अद्भुत मिसाल है।
sudevi dasi got padma shri
- फोटो : अमर उजाला
फ्रेडरिक इरिना ब्रूनिंग वर्ष 1978 में जर्मनी से ब्रज दर्शन के लिए आई थीं। इस पावन पर भूमि आकर इरिना इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने गुरु दीक्षा के बाद अपना नाम सुदेवी दासी रख लिया। इसके बाद यहां की होकर रह गईं। सुदेवी दासी ने बताया कि ब्रज भ्रमण के दौरान उन्होंने सड़क किनारे एक बिछड़ को तड़पते देखा। यह देख उन्हें काफी तकलीफ हुई। इस दृश्य ने उनके जीने का मकसद बदल दिया। उन्होंने बेसहारा व बीमार गोवंश की सेवा करने का संकल्प किया।
sudevi dasi got padma shri
- फोटो : अमर उजाला
सुदेवी दासी ने कौनहाई गांव में जमीन खरीद कर राधा सुरभि गोशाला का निर्माण करवाया। इसमें 1400 से अधिक गोवंश है। इनमें से करीब 800 गाय घायल एवं बीमार हैं। जिनका गोशाला में उपचार किया जा रहा है। बीमार और घायल गोवंश को लाने के लिए गोशाला की दो एंबुलेंस भी हैं। सुदेवी गोशाला का खर्च खुद वहन करती हैं।
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सुदेवी जर्मनी स्थित अपनी पैतृक संपत्ति के किराये से आने वाली धनराशि और दानदाताओं के सहयोग से गोशाला का संचालन कर रही हैं। गौशाला में घायल, बेसहारा, असहाय, गोवंश को लाकर उनका पालन पोषण एवं उपचार किया जाता है। सुदेवी दासी आज भी कच्ची झोपड़ी में रहकर गोवंश की सेवा कर रही हैं। वहीं इस गोशाला से करीब 70 परिवारों का पालन पोषण चल रहा है।
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सुदेवी के पिता जर्मन के एक बड़े अधिकारी भी रहे थे। उनके पिता ने दिल्ली स्थित जर्मन दूतावास में भी कार्य किया। वो भी लगातार राधाकुंड में गोसेवा के लिए आते रहे। गोसेवा के लिए सुदेवी ने अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने विवाह नहीं किया। हाल ही में उनका वीजा खत्म होने पर मथुरा की सांसद हेमा मालिनी द्वारा वीजा की अवधि बढ़वाई गई।