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आगरा पुलिस में बड़ा फेरबदल: सदर-जगनेर के इंस्पेक्टर हटाए, इसलिए गिरी गाज; भ्रष्टाचार में छह पुलिसकर्मी निलंबित
Sun, 30 Aug 2026 09:18 AM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 30 Aug 2026 09:18 AM IST
सार
आगरा के सदर क्षेत्र स्थित मिनी मल्टी प्लेक्स में केबिन बनाकर युवक-युवतियों को घंटों के हिसाब से दिए जाते थे। मामले का खुलासा होने के बाद थाना पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में थी। मामले में थाना सदर के इंस्पेक्टर लाइन हाजिर किया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने शनिवार रात आठ पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की। थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक विजय विक्रम सिंह और जगनेर के निरीक्षक सुभाष चंद्र को लाइन हाजिर कर दिया। दोनों पर कार्य में लापरवाही के आरोप हैं। सदर में नंद प्लाजा में केबिन में युवक-युवतियां पकड़े गए थे। भ्रष्टाचार की शिकायत पर 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। कार्य में लापरवाही की भी शिकायत मिल रही थीं। एलआईयू जांच के बाद पुलिस आयुक्त ने कार्रवाई की है।
सदर स्थित नंद प्लाजा में कैफे के अंदर मिनी मल्टी प्लेक्स में केबिन बनाकर युवक-युवतियों को घंटों के हिसाब से दिए जाते थे। एलआईयू की सूचना पर छापा मारा गया। 16 से अधिक युवक और युवतियों को पकड़ा गया था। मामले में दर्ज प्राथमिकी में पांच लोग नामजद किए। इसमें अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की धारा भी लगीं। मामले में चौकी प्रभारी की रिपोर्ट को दरकिनार किया गया। कैफे को बंद नहीं कराया गया। इस मामले में एलआईयू से रिपोर्ट ली गई। सदर इंस्पेक्टर और एसीपी राम प्रवेश गुप्ता की भूमिका पर सवाल उठाए गए। इस पर इंस्पेक्टर विजय विक्रम सिंह पर कार्रवाई की गई।
जगनेर इंस्पेक्टर की थीं कई शिकायतें
जगनेर इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र के खिलाफ भी कई शिकायतें थीं। अवैध परिवहन नहीं रुक रहा था। मामला पुलिस आयुक्त के पास पहुंचा था। उन्हें भी लाइन हाजिर किया गया। इसके साथ ही शासन की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं करने पर पुलिसकर्मियों को चिह्नित किया गया। इंस्पेक्टर अपराध जगनेर विजेंद्र सिंह, जगनेर के ही सिपाही अंकित कुमार, थाना डाैकी के सिपाही राजीव पाराशर, थाना बमराैली कटारा के हेड कांस्टेबल राशिद अली, थाना किरावली के सिपाही संचित और एसीपी खेरागढ़ कार्यालय के सिपाही धर्मेंद्र सिंह को निलंबित किया गया है।
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सदर स्थित नंद प्लाजा में कैफे के अंदर मिनी मल्टी प्लेक्स में केबिन बनाकर युवक-युवतियों को घंटों के हिसाब से दिए जाते थे। एलआईयू की सूचना पर छापा मारा गया। 16 से अधिक युवक और युवतियों को पकड़ा गया था। मामले में दर्ज प्राथमिकी में पांच लोग नामजद किए। इसमें अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की धारा भी लगीं। मामले में चौकी प्रभारी की रिपोर्ट को दरकिनार किया गया। कैफे को बंद नहीं कराया गया। इस मामले में एलआईयू से रिपोर्ट ली गई। सदर इंस्पेक्टर और एसीपी राम प्रवेश गुप्ता की भूमिका पर सवाल उठाए गए। इस पर इंस्पेक्टर विजय विक्रम सिंह पर कार्रवाई की गई।
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जगनेर इंस्पेक्टर की थीं कई शिकायतें
जगनेर इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र के खिलाफ भी कई शिकायतें थीं। अवैध परिवहन नहीं रुक रहा था। मामला पुलिस आयुक्त के पास पहुंचा था। उन्हें भी लाइन हाजिर किया गया। इसके साथ ही शासन की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं करने पर पुलिसकर्मियों को चिह्नित किया गया। इंस्पेक्टर अपराध जगनेर विजेंद्र सिंह, जगनेर के ही सिपाही अंकित कुमार, थाना डाैकी के सिपाही राजीव पाराशर, थाना बमराैली कटारा के हेड कांस्टेबल राशिद अली, थाना किरावली के सिपाही संचित और एसीपी खेरागढ़ कार्यालय के सिपाही धर्मेंद्र सिंह को निलंबित किया गया है।
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