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चाय की चुस्की में चली गईं चार जिंदगी: अपने ही हाथों से मासूम बेटों को परोस बैठी जहर, मौत से जूझ रहा पति
Fri, 28 Oct 2022 06:00 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 28 Oct 2022 06:00 AM IST
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मृतक बच्चों का फाइल फोटो, चीखती-रोती मां
- फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी के थाना औंछा के नगला कन्हई में एक मां के हाथों अंजाने में एक ऐसी अनहोनी हो गई, जिसका खामियाजा उसके दो मासूमों को जान देकर चुकाना पड़ा। जहरीली चाय पीने से हुई घटना के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं पति भी मेडिकल कॉलेज सैफई में जिंदगी और मौत से लड़ रहा है।
रो-रोकर हुआ बुरा हाल
- फोटो : अमर उजाला
हादसे में दोनों मासूम सहित चार लोगों की मौत हो गई। जिसने भी इस घटना के बारे में सुना वो सन्न रह गया। वहीं जिला अस्पताल में बच्चों के शव के पास मौजूद मधु को संभालना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा था। वह चीखते हुए रोए जा रही थी, कभी पिता तो कभी बच्चों के नाम पुकारते हुए कई बार गिरी। उसे पता था कि उसके ही हाथों ये अनहोनी हुई है, जिसमें उसके दोनों बच्चे व पिता सहित चार लोगों की जान चली गई। शवों को मोर्चरी में रखवाए जाने के बाद परिजनों ने उसे घर ले जाने के लिए कई जतन किए लेकिन मधु साथ नहीं गई।
मधु को संभालता उसका भाई
- फोटो : अमर उजाला
भाई से लिपट कर रोई मधु
दो बच्चों को खोने के बाद मधु बेतहाशा चीख रही थी, हर किसी को बता रही थी कि उसकी ही एक गलती की वजह से उसके बच्चों की जान चली गई, लेकिन उसकी आंखो से आंसू नहीं बह रहे थे। मानो उसके आंसू सूख गए थे। साथ आई महिलाएं उसे चुप करने का प्रयास करती रहीं लेकिन सभी नाकाम रहे। इस दौरान मधु का भाई वहां आया तो मधु उस से लिपट कर रोने लगी।
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मौत के बाद बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
खो बैठी होश
मधु बहकी बहकी बातें करने लगी, कभी कहती कि अपने भांजो को बाहर लेकर आओ और घर चलो, तब वह भाई दौज मनाएगी। तो कभी खुद को बच्चों की मौत का जिम्मेदार बताते हुए रोने लगती। कह रही थी कि उसने डायन बनकर अपने ही बच्चों को खा लिया। मां मधु की ये हालत देख वहां मौजूद हर किसी की आंखे नम हो गईं।
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घर पर लगी लोगों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला