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तस्वीरें: सबसे पहले रात में 'रोशन' हुआ था ताजमहल, अब उसी को नहीं मिली इजाजत
अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 01 Aug 2019 12:25 PM IST
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वर्ष 1945 में अमेरिकी फौज ने फ्लड लाइट ले रोशन किया था ताजमहल
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देश के 10 स्मारकों को दूधिया रोशनी में रात नौ बजे तक खोलने की अनुमति दी गई है, लेकिन ताजमहल इस सूची से गायब है, जबकि स्मारकों को रात में रोशन करने का सबसे पहला प्रयास ताज से ही शुरू हुआ। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान 1945 में अमेरिकी फौज के जवानों ने ताज में वीई डे (विक्टरी इन यूरोप) मनाया था, उस दौरान ताज महल पर फ्लड लाइटें डाली गईं थीं।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
आजादी से पहले उत्तर भारत के सर्किल सुपरिटेंडेंट रहे एमएस वत्स ने अपनी रिपोर्ट में ताजमहल पर लाइटिंग के बारे में जानकारी दी है। उनकी रिपोर्ट में ताज पर विश्व युद्ध के दौरान मुख्य गुंबद पर बंधीं बल्लियों की पाड़ और ताज पर अमेरिकी फौज के लाइटिंग करने की तस्वीरें भी दी गई थीं। अब 74 साल बाद संस्कृति मंत्रालय ने हुमायूं का मकबरा, सफदरजंग का मकबरा समेत 10 स्मारकों को देखने का समय रात नौ बजे तक कर दिया है, लेकिन ताज पर पर्यटन उद्योग की लाइटिंग और समय बढ़ाने की मांग को दरकिनार कर दिया गया।
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मार्च 1997 में म्यूजिक कंसर्ट के दौरान तक ताजमहल पर डाली गई दूधिया रोशनी
- फोटो : अमर उजाला
20 से 24 मार्च 1997 तक ताजमहल के पीछे ग्यारह सिड्डी स्मारक के पास विश्व प्रसिद्ध यूनानी संगीतकार यान्नी ने शो किया था, जिसमें वहीं से ताज पर रंग बिरंगी फ्लड लाइटें डाली गई थीं। उस दौर में ताजमहल पर रंगीन लाइटिंग की तस्वीरों ने दुनिया भर में ऐसा जादू चलाया कि उसके बाद से ही ताज पर विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ती चली गई।
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मार्च 1997 में म्यूजिक कंसर्ट के दौरान तक ताजमहल पर डाली गई दूधिया रोशनी
- फोटो : अमर उजाला
इसके दो साल बाद 1999 में तब टीवी के प्रसिद्ध शो ‘सारेगामापा’ के फाइनल को ताजमहल के पीछे स्टेज बनाकर शूट किया गया था। भारतीय पर्यटकों में ताजमहल को लेकर उसके बाद क्रेज नजर आया। सेवानिवृत्ति वरिष्ठ संरक्षण डॉ आरके दीक्षित ने बताया कि ताजमहल पर 1996 में तब के मंत्री अर्जुन सिंह के सामने डेमो किया गया था। इसके बाद यान्नी के शो में लाइट से कीड़े आने के बाद एक्सपर्ट की रिपोर्ट आई और उसके बाद लाइटिंग की कोशिश बंद हो गई।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
टूरिज्म गिल्ड के उपाध्यक्ष राजीव सक्सेना ने बताया कि हमने केंद्रीय संस्कृति मंत्री से ताज को रात में दिखाने के लिए मांग की है। ताज के अंदर न सही, महताब बाग से ही ताज को दिखाया जा सकता है। एलईडी और नई तकनीक से ताज को कृत्रिम प्रकाश में दिखाया जाए, इससे नाइट स्टे तो बढ़ेगा ही, पर्यटन उद्योग को चार चांद लग जाएंगे।
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