मैनपुरी के करहल थाना क्षेत्र के गांव गढ़िया खजुरारा में सात साल के मासूम की गला घोंटकर हत्या करने वाला कोई और नहीं, बल्कि पिता असमुद्दीन ही था। वह अपने पड़ोसी से थप्पड़ के अपमान का बदला लेना चाहता था। इसी वजह से बेटे को हत्या कर उसे नामजद कर दिया था। आरोपी की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया।
करहल सीओ चंद्रकेश सिंह ने बताया कि गांव गढ़िया खजुरारा निवासी असमुद्दीन गांव के ही रहने वाले प्लंबर अभिषेक उर्फ पिंटू के साथ मजदूरी करता था। दोनों के बीच मजदूरी के रुपये को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद 24 फरवरी को असमुद्दीन का सात वर्षीय पुत्र शहनवाज लापता हो गया था। अगले दिन बालक का शव गांव स्थित एक सरसों के खेत में पड़ा मिला था। उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी। इस मामले में अभिषेक के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस जांच के साथ ही आरोपी की तलाश कर रही थी, लेकिन इस बीच पुलिस को असमुद्दीन की बातों पर भी शक होने लगा।
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आरोपी पिता
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को उसके खिलाफ ठोस सबूत मिले, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पुलिस पूछताछ उसने जो कुछ बताया, उसे सुनकर एकबारगी पुलिसकर्मी भी चौंक गए। असमुद्दीन ने बताया कि रुपये के विवाद में अभिषेक ने उसे थप्पड़ मारकर उसका अपमान किया था। वह उससे बदला लेना चाहता था।
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पुलिस हिरासत में आरोपी
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बदले की भावना में उसने अपने ही सात वर्षीय पुत्र शहनवाज की गला घोंट कर हत्या कर दी और शव सरसों के खेत में छिपाने के बाद गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अगले दिन शव मिलने के बाद योजना के तहत अभिषेक उर्फ पिंटू को फंसा दिया था।
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बच्चे का फाइल फोटो
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गिरफ्तार आरोपी के कबूलनामा के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, वहां से उसे जेल भेजा गया।
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एसपी कमलेश दीक्षित
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एसपी मैनपुरी कमलेश दीक्षित ने बताया कि आरोपी ने गांव के रहने वाले अभिषेक से बदला लेने के लिए अपने ही बेटे की गला घोंट कर हत्या कर मुकदमा दर्ज कराया था, आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसे जेल भेजा गया है।