किसानों के आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली जाने से रोकी गईं सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर आगरा-धौलपुर सीमा पर धरना देकर बैठी हैं। उनके साथ लगभग 500 किसान हैं। किसानों का धरना 36 घंटे गुजर जाने के बाद शुक्रवार को भी जारी है। मेधा पाटकर ने कहा कि उन्हें रोककर पुलिस ज्यादती कर रही है, लेकिन किसानों की आवाज दबेगी नहीं। धरनास्थल पर धौलपुर और आगरा जिले की पुलिस फोर्स तैनात है। धरना-प्रदर्शन के कारण आगरा-ग्वालियर मार्ग (एनएच-3) पर जाम लगा है। वाहनों को अन्य रास्तों से उनके गंतव्य की ओर से भेजा रहा है।
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पुलिस से बात करतीं मेधा पाटकर
- फोटो : अमर उजाला
मेधा पाटकर को आगरा पुलिस ने बुधवार की रात साढ़े आठ बजे रोका था। वह कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में हो रहे धरना प्रदर्शन में भाग लेने के लिए किसानों के जत्थे के साथ जा रही थीं। रात एक बजे तक उनकी पुलिस अफसरों से बातचीत चलती रही। आगरा के एसपी पश्चिम रवि कुमार ने उन्हें जाने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद मेधा पाटकर वहीं धरना देकर बैठ गईं। कई सामाजिक कार्यकर्ता भी उनके साथ हैं। किसानों का एक जत्था गुरुवार की सुबह पहुंचा। इन्हें रोकने के लिए पीएसी भी तैनात कर दी गई है।
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सड़क पर किसानों संग प्रदर्शन करतीं मेधा पाटकर
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मेधा पाटकर के साथ किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रात दो बजे से सुबह चार बजे तक गीत गाकर किसानों की आवाज उठाई। मेधा ने गीत गाया-लाल सूरज अब उगेगा देश के हर गांव में, ले मशालें चल पड़े हैं लोग मेरे गांव के। गुरुवार सुबह हल्की बारिश हुई लेकिन किसान डटे रहे। आगरा से पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे कोविड गाइडलाइन का पालन करें, मास्क लगाएं और दूरी बनाकर रहें। इस पर मेधा पाटकर ने कहा कि आप जवाब दें कि हमें रोका क्यों है, हम यहां रुकना ही नहीं चाहते हैं, आप हमें जाने दें, हम अपना ख्याल खुद रखेंगे।
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किसानों को संबोधित करतीं मेधा पाटकर
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नर्मदा बचाओ अभियान की प्रमुख एवं अखिल भारतीय किसान संगठन समन्वय समिति की संचालक मेधा पाटकर ने कहा कि उनकी मांग है कि कर्नाटक में गिरफ्तार किए गए 80 किसानों की रिहाई की जाए, कृषि बिल की वापसी हो, कोरोना के नाम पर घर भेजे गए मजदूरों को वापसी का पैसा दिया जाए। इस आंदोलन को 500 से अधिक किसान संगठनों का समर्थन प्राप्त है। इनमें मध्य प्रदेश किसान सभा ग्वालियर और भारतीय किसान यूनियन प्रमुख है। आगरा में रोके जाने पर वह सत्याग्रह कर रही हैं।
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किसान का धरना प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
आगरा पुलिस और पीएसी सीमा पर इसलिए तैनात है कि प्रदर्शनकारी दिल्ली न जा पाएं। उधर, धौलपुर पुलिस ने गुरुवार सुबह धरने पर बैठे किसानों के लिए भोजन के पैकेट का इंतजाम किया। आगरा के सर्वोदयी नेता चंद्रमोहन पाराशर ने मेधा पाटकर से मुलाकात कर उनके आंदोलन में अपना समर्थन दिया। काफिले में प्रमुख रूप से प्रतिभा शिंदे, योगेंद्र यादव, राहुल राजीव, रामबाबू जाटव आदि मौजूद रहे।