फागुन में सावन-भादौं जैसे हालात हो गए हैं। बेमौसम बारिश की एक-एक बूंद किसानों के दिल पर पत्थर बनकर बरसी है। आलू, गेहूं और सरसों की फसल को शुक्रवार की बारिश ने जबरदस्त नुकसान पहुंचाया, तो वहीं शहरों की सूरत भी सुबह से रात तक रुक-रुककर हुई बारिश ने बिगाड़ दी। शनिवार सुबह से आसमान में काले बादल छाये हैं। मौसम की बेरुखी देख ब्रज के किसान चिंतित हैं।
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बारिश
- फोटो : Amar Ujala
शुक्रवार तड़के पांच बजे बारिश शुरू हुई तो आधे घंटे तक चलती रही। इससे आगरा में पहले से हो रहे जलभराव में मुश्किलें और खड़ी कर दीं। स्कूली बच्चों के लिए सर्दी बढ़ी तो स्वेटर, कोट के ऊपर रेन कोट पहनकर बच्चे स्कूल पहुंचे। दोपहर में दो बार बारिश हुई और पूरे दिन ही बादल छाए रहे। कमोबेश यही हाल मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा-कासगंज में रहा।
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जल निकासी न होने के कारण हुआ जलभराव
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आगरा में बारिश के कारण दिन में पारा सामान्य से पांच डिग्री नीचे 24.8 डिग्री पर आ गया। दो दिन पहले दिन में पारा 30 डिग्री तक पहुंच गया था। न्यूनतम तापमान में भी कमी दर्ज की गई। रात में यह 15.2 डिग्री दर्ज किया गया। शाम को पांच बजे से शुरू हुई बूंदाबांदी के बाद छह बजे तेज हवाओं के साथ ओले पड़े। दिन भर में 21.6 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
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बारिश से फसलों को हुआ नुकसान
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मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक अगले तीन दिनों तक बादलों की लुकाछिपी बनी रह सकती है। बारिश के आसार कम रहेंगे। तापमान में कमी आएगी और सुबह सर्द हवाएं रह सकती हैं, वहीं होली पर पश्चिमी विक्षोभ के कारण फिर से 10 और 11 मार्च को बारिश के आसार हैं।
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खेतों में बिछी गेहूं की फसल
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बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। आलू की फसल पानी में डूबी हुई है तो गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। कटने के लिए तैयार खड़ी सरसों की वाली अब ढूंढे नजर नहीं आ रही है। मथुरा में शुक्रवार को भी रुक-रुक कर बारिश हुई है। किसान दिनभर खेतों में एकत्र किए गए आलू और कटी सरसों की फसल को बचाने में जुटे रहे।