आगरा में एत्मादपुर के धौर्रा गांव में नौ वर्षीय उपदेश की हत्या के दो और आरोपी अयूब और अरमान को रविवार सुबह पुलिस ने बरहन रोड से गिरफ्तार कर लिया। धौर्रा निवासी रघुनाथ सिंह यादव के बेटे उपदेश उर्फ भुल्ला की मंगलवार को हत्या कर दी गई थी। गुरुवार सुबह उसका शव घर के पास ही बाड़े में भूसे के ढेर में मिला था। पुलिस ने शनिवार सुबह गांव के वाहिद को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया था। उसने फिरौती वसूलने को उपदेश का अपहरण किया था। बालक के शोर मचाने पर हत्या कर दी थी।
2 of 7
अरमान, अय्यूब बाएं से दाएं क्रमशः
- फोटो : अमर उजाला
पहले दिन तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक सलीम खान ने आरोपियों को मामूली पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश था। एसएसपी बबलू कुमार ने निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया था। वाहिद के साथी अरमान और अयूब थे। रविवार तड़के पुलिस को सूचना मिली कि अरमान और अयूब बाइक से जा रहे हैं। एत्मादपुर बरहन रोड पर दो अलग अलग स्थानों पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों ने जुर्म कुबूल लिया है। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि दोनों को रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। उनसे पूछताछ में कई जानकारियां मिली हैं।
3 of 7
सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
मासूम उपदेश की अपहरण के बाद हत्या की घटना में सीएम योगी ने आदेश दिए हैं कि आरोपियों वाहिद और अरमान के खिलाफ एनएसए लगाया जाए। पुलिस घटना की तह तक जाए। हर अपराधी के खिलाफ तगड़ी कार्रवाई हो, आरोपियों को बचाने के आरोपी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सलीम को तत्काल निलंबित कर उसकी भूमिका की गहन जांच करने के भी निर्देश योगी आदित्यनाथ ने दिए हैं।
4 of 7
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
गांव धौर्रा निवासी आरोपी वाहिद ने तीन महीने पहले ही उपदेश के अपहरण की योजना बनाई थी। इसके लिए अपने चचेरे भाई अयूब को शामिल किया। मगर, तब अपहरण करने में सफल नहीं हो सका। दस दिन पहले दूर के रिश्तेदार अरमान से बात की थी। तीनों ने अपहरण किया। मगर, उपदेश के शोर मचाने पर हत्या कर दी।
5 of 7
बबलू कुमार, एसएसपी
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि आरोपी वाहिद ने पूछताछ में बताया कि वह ट्रक चलाता है। लॉकडाउन में काम नहीं मिला था। पत्नी बीमार थी। इलाज में जमा पूंजी खर्च हो गई। इससे कर्ज हो गया था। इसलिए रुपयों की जरूरत थी। तीन महीने पहले अयूब से बात की थी। रघुनाथ सिंह के घर में वाहिद का आना-जाना था। दोनों ने उपदेश के अपहरण की योजना बनाई। मगर, तब सफल नहीं हो सके।