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Agra: लॉटरी में डूबी रकम चुकाने के लिए भाजपा के पूर्व पदाधिकारी ने बैंक में डाली थी डकैती
Tue, 22 Dec 2020 12:04 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 22 Dec 2020 12:04 AM IST
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बैंक डकैती के आरोपी पुलिस गिरफ्त में
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में थाना सदर के रोहता स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा में 15 दिसंबर को पड़ी डकैती में पुलिस ने सोमवार को तीन बदमाशों और दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। वारदात का मास्टरमाइंड भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का पूर्व मंडल उपाध्यक्ष ठाकुरदास है। उसने पूरी वारदात को अपने पड़ोसी और बैंक के ही अस्थायी कर्मचारी पुनीत उर्फ पीके की मदद से अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों से 40 लाख रुपये बरामद किए हैं। रकम को छिपाने में मदद करने वाली दो महिलाओं को भी पकड़ा गया है। वारदात में पांच बदमाश शामिल रहे थे। इनमें से दो अभी फरार हैं। रुपये छिपाने वाले दो और आरोपी हाथ नहीं आए हैं।
आगरा बैंक डकैती कांड
- फोटो : अमर उजाला
थाना सदर के ग्वालियर मार्ग स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा में मंगलवार शाम को तकरीबन 4.50 बजे चार बदमाशों ने लूटपाट की थी। बैंक की मैनेजर अनीता मीणा, डिप्टी मैनेजर विवेक यादव, कैशियर प्रशांकी बघेल और क्लर्क शशांक को बंधक बना लिया था। बैंक का अस्थायी कर्मचारी खंदारी निवासी पुनीत चाय बनाने के लिए दूध लेने बैंक के सामने गया था। बदमाशों ने तमंचे और चाकू दिखाकर मैनेजर और कर्मचारियों से कैश लूटा था। तभी पुनीत अंदर आया था। बदमाशों ने उससे मारपीट की और मोबाइल जमीन पर पटककर तोड़ दिया था। बैंक से 56.94 लाख रुपये लूटने के बाद बदमाशों ने कर्मचारियों को वॉशरूम में बंद कर दिया था। इसके बाद भाग गए थे। बदमाशों के रोहता गांव से जाने के फुटेज मिले थे।
आगरा बैंक डकैती कांड: कर्मचारियों से जानकारी लेते पुलिस अफसर
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने जताई थी नाराजगी, डीजीपी कार्यालय से रोजाना ली जा रही थी अपडेट
बैंक में डकैती की वारदात पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जाहिर की थी। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी के कार्यालय से भी रोजाना अपडेट लिया जा रहा था। आईजी ए सतीश गणेश के साथ एसएसपी बबलू कुमार खुद घटना के खुलासे के लिए लगे थे। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद के नेतृत्व में दस टीमों ने काम किया। रविवार को पुलिस को कुछ सुराग मिले। इसके बाद आरोपियों को पकड़ लिया गया।
बैंक में डकैती की वारदात पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जाहिर की थी। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी के कार्यालय से भी रोजाना अपडेट लिया जा रहा था। आईजी ए सतीश गणेश के साथ एसएसपी बबलू कुमार खुद घटना के खुलासे के लिए लगे थे। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद के नेतृत्व में दस टीमों ने काम किया। रविवार को पुलिस को कुछ सुराग मिले। इसके बाद आरोपियों को पकड़ लिया गया।
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डकैती का खुलासा करने के बाद पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार दोपहर को एडीजी अजय आनंद ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर बताया कि बैंक के कर्मचारी पुनीत कुमार ने अपनी मित्र ठाकुरदास से लूट कराई थी। वारदात करने पांच बदमाश आए थे। पकड़े गए तीन बदमाशों से 40 लाख रुपये बरामद कर लिए गए हैं। 17 लाख रुपये की बरामदगी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
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आगरा बैंक डकैती कांड
- फोटो : अमर उजाला
तगादा करने आ रहे लोगों से परेशान था ठाकुरदास
बैंक डकैती का मास्टर माइंड खंदारी में मल्होत्रा नर्सिंग होम के पास रहने वाला 45 वर्षीय ठाकुरदास है, उसकी पांच बेटियां हैं। उसने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह भाजपा अनुसूचित मोर्चा का मंडल उपाध्यक्ष रहा है। वह लॉटरी (बीसी) चलाता था। मगर, एक साल पहले उसका पैसा डूब गया। कुछ लोगों ने बेईमानी कर ली। तकरीबन 28 लाख रुपये का कर्ज हो गया। लोग उसके पास तगादा करने लगे। लॉकडाउन लगने पर लोग शांत बैठ गए। इस बीच कर्ज चुकाने के लिए रकम का इंतजाम के प्रयास किए, लेकिन सफल नहीं हो सका। लॉकडाउन हटते ही लोग घर के चक्कर काटने लगे। उसे धमकी भी देकर जाते थे। इससे वह परेशान था।
बैंक डकैती का मास्टर माइंड खंदारी में मल्होत्रा नर्सिंग होम के पास रहने वाला 45 वर्षीय ठाकुरदास है, उसकी पांच बेटियां हैं। उसने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह भाजपा अनुसूचित मोर्चा का मंडल उपाध्यक्ष रहा है। वह लॉटरी (बीसी) चलाता था। मगर, एक साल पहले उसका पैसा डूब गया। कुछ लोगों ने बेईमानी कर ली। तकरीबन 28 लाख रुपये का कर्ज हो गया। लोग उसके पास तगादा करने लगे। लॉकडाउन लगने पर लोग शांत बैठ गए। इस बीच कर्ज चुकाने के लिए रकम का इंतजाम के प्रयास किए, लेकिन सफल नहीं हो सका। लॉकडाउन हटते ही लोग घर के चक्कर काटने लगे। उसे धमकी भी देकर जाते थे। इससे वह परेशान था।