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मलबे के ढेर से निकल रही थीं चीखें- बचाओ...बचाओ, 'फरिश्ता' बनकर पहुंचे शकील और अली
Mon, 19 Oct 2020 01:13 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 19 Oct 2020 01:13 AM IST
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विस्फोट के बाद लोगों की मदद करने वाले शकील और अली शेर
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के शाहगंज क्षेत्र की घनी आबादी वाली बस्ती न्यू आजमपाड़ा में रविवार को अवैध पटाखा गोदाम में धमाकों के बाद दहशत फैल गई थी। आसपास के लोग घरों से बाहर निकलकर दूर चले गए थे। ऐसे में मोहल्ले के कुछ युवकों ने साहस दिखाते हुए मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर उनकी जान बचाई। ये युवक जब आतिशबाज चमन मंसूरी के घर के अंदर गए, उस वक्त आग लगी हुई थी और भी धमाके होने की आशंका थी, लेकिन वे डरे नहीं। चमन मंसूरी ने घर में ही अवैध रूप से गोदाम बना रखा था।
विस्फोट के बाद की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
न्यू आजमपाड़ा में आतिशबाज चमन मंसूरी का मकान 100 मीटर लंबी और चार फीट चौड़ी गली में है। छत से उठती आग की लपटें और अंधेरे में डूबे पूरे घर में फैला धुआं। धमाके से गिरी छत और दीवारों के मलबे के ढेर से निकलती चीखें... हमें बचाओ-हमें बचाओ...। तभी जान हथेली पर लेकर शकील अपने साथियों के साथ फरिश्ता बनकर पहुंचे। पहले पड़ोसियों की मदद से आग बुझाई और फिर एक-एक कर घायलों को घर से बाहर निकाला।
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विस्फोट से मकान की छत ढही
- फोटो : अमर उजाला
शकील ने ही मकानों से दूर खड़े लोगों को बुलाया। इसके बाद सबमर्सिबल पंप से पानी चलवाकर आग बुझाने के प्रयास किए गए। शकील ने बताया कि भूतल पर धुएं के कारण कुछ नजर नहीं आ रहा था। पूरे घर में अंधेरा था। बारूद की गंध थी। दरवाजे के बगल से सीढ़ी थीं। इसी से सीढ़ी से ऊपर गए।
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मलबे से घायलों को बाहर निकालने वाले शकील
- फोटो : अमर उजाला
आतिशबाज चमन मंसूरी के घर से 50 मीटर की दूरी पर रहने वाले शकील ने बताया कि वह उसके दो साथी घर में घुसे। आग कुछ देर में काबू हो गई। इसके बाद अलीशेर, सलीम, ईदु और गफूर आ गए। उन्होंने सभी को निकालने के प्रयास शुरू कर दिए।
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अली शेर ने मलबों से घायलों को निकाला
- फोटो : अमर उजाला
मदद करने वाले अलीशेर ने बताया कि जैसे ही वे लोग पहली मंजिल पर पहुंचे, रोंगटे खड़े हो गए। बच्चे और अन्य लोग मलबे में दबे थे। लपटें उठ रहीं थीं। धुआं था और अंधेरा भी। तीन लोगों के चीथड़े उड़ चुके थे। मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद मोहल्ले के अन्य लोग भी मदद के लिए आ गए।