अजमेर रोड स्थित सेंट मेरीज गिरजाघर स्वास्थ्य की माता मदर मरियम को समर्पित है। इसका निर्माण अंग्रेजी शासनकाल में आगरा की मैसर्स जॉन्स एंड कंपनी ने करवाया था। चर्च परिसर में गुरुकुल है, जहां पादरी बनाए जाने की दीक्षा दी जाती है।
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आगरा महाधर्म प्रांत के मीडिया प्रभारी फादर मून लाजरस
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आगरा महाधर्म प्रांत के मीडिया प्रभारी फादर मून लाजरस ने बताया कि पांच अप्रैल, 1920 को अजमेर रोड पर तत्कालीन आर्च बिशप रफाइल बर्नाकियोनी ने चर्च का शिलान्यास किया। चर्च के लिए भूमि और निर्माण का खर्च मैसर्स जोन्स एंड कंपनी ने दी थी। पांच अप्रैल, 1923 को चर्च का निर्माण पूरा हुआ। 1968 में हिंदुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड के कर्मचारियों के अनुरोध पर तत्कालीन बिशप डोमनिक अथेड ने इसे स्वास्थ्य की माता मदर मरियम के नाम पर समर्पित कर दिया।
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चर्च में क्रिसमस की तैयारियां
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तमिलनाडु के वेलांकिनी चर्च के बाद यह देश का दूसरा चर्च है जोकि मदर मरियम के नाम पर है। अब चर्च परिसर में गुरुकुल और पुरोहित निवास हैं। गुरुकुल में देशभर से आने वाले विद्यार्थियों को पादरी बनने की साधना कराई जाती है। परिसर के पास ही प्रेमदान अनाथालय, सेंट एंथनीज शिक्षण संस्थान और फातिमा हॉस्पिटल आदि ईसाई संस्थान स्थित हैं।
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सेंट जोंस चर्च
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पुराने शहर में हॉस्पिटल रोड पर स्थित सेंट जोंस चर्च की स्थापना 164 साल पहले की गई थी। यह चर्च पीपल वाले चर्च के नाम से भी जाना जाता है। चर्च परिसर में मसीही समाज के परिवार भी यहां लंबे समय से निवास करते हैं।
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चर्च में क्रिसमस की तैयारियां
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चर्च में क्रिसमस की तैयारियां की जा रही हैं। इसे झंडियों और स्टार्स से सजाया जा रहा है। चर्च के घंटे को भी ठीक किया गया है। चर्च के पादरी रेवरन जिब्राइल दास ने बताया कि चर्च में 24 की रात 11:30 बजे से समारोह का शुभारंभ प्रभु यीशु के जन्मदिवस की प्रार्थना से होगा।