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चंदन हत्याकांड: सौ घंटे तक न उतार सके थे वर्दी...बिना नहाए ही लगातार करते रहे ड्यूटी; विवेचक ने बयां किए हालात
Sat, 04 Jan 2025 02:21 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कासगंज
अमर उजाला नेटवर्क, कासगंज
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 04 Jan 2025 02:21 PM IST
सार
सदर कोतवाली के तत्कालीन इंस्पेक्टर और चंदन हत्याकांड के प्रारंभिक विवेचक रिपुदमन सिंह ने हिंसा के दौरान की बातों को जिक्र किया। उन्होंने बताया कि हालात ये थे कि 100 घंटे तक वर्दी तक नहीं उतार पाए। बिना नहाए ही लगातार ड्यूटी करते रहे।
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Chandan Gupta Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज पुलिस लाइन में गणतंत्र दिवस की परेड चल रही थी। जिले के सभी अधिकारी और थानों की पुलिस मौजूद थी। इसी बीच तिरंगा यात्रा में हिंसा की खबर आई। बिना समय गंवाए अधिकारी और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। चंदन की हत्या के बाद हिंसा काफी भड़क गई।
चंदन हत्याकांड के प्रारंभिक विवेचक रिपुदमन सिंह
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि वारदात के बाद प्रारंभिक चरण में उनके द्वारा न केवल नामजद आरेापियों की गिरफ्तारी की गई बल्कि उनके पास से अवैध हथियार भी बरामद किए गए। चंदन को जिस तमंचे से गोली मारी गई थी वह तमंचा हत्या के दोषी सलीम की निशानदेही पर बरामद हुआ था।
इसके अलावा एक अवैध बंदूक व अन्य देसी तमंचे भी बरामद हुए थे। बताया कि इस मामले में एनआईए कोर्ट लखनऊ में उनकी चार दिन तक लगातार गवाही हुई और बयान दर्ज हुए थे।
इसके अलावा एक अवैध बंदूक व अन्य देसी तमंचे भी बरामद हुए थे। बताया कि इस मामले में एनआईए कोर्ट लखनऊ में उनकी चार दिन तक लगातार गवाही हुई और बयान दर्ज हुए थे।
26 जनवरी वर्ष 2018 में सांप्रदायिक दंगा के बाद शहर के बिलराम गेट क्षेत्र में पथराव
- फोटो : संवाद
तत्कालीन इंस्पेक्टर रिपुदमन सिंह ने बताया कि इस हिंसा के दौरान आईजी रैंक के अधिकारी 8-8 घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी कर रहे थे। कई जोन और रेंज से पुलिस के वरिष्ठ के अधिकारी व पुलिसकर्मी पहुंचे थे। बमुश्किल शहर में शांति व्यवस्था कायम हुई।
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चंदन गुप्ता का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
चंदन गुप्ता हत्याकांड में सभी दोषियों को आजीवन कारावास
कासगंज के चंदन गुप्ता हत्याकांड में एनआईए अदालत ने 28 दोषियों को आजीवन कारावास समेत जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान देसी और विदेशी एनजीओ के संबंध में निर्णय पर न्यायालय की चिंताओं से अवगत कराने के लिए आदेश की प्रति नई दिल्ली में गृह मंत्रालय के प्रमुख सचिव को और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन को भी भेजने का आदेश दिया है।
यह आदेश एनआईए लखनऊ अदालत के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने सरकार बनाम सलीम के मामले की सुनवाई के बाद शुक्रवार को सुनाया। गैर हाजिर दोषी सलीम ने भी शुक्रवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
कासगंज के चंदन गुप्ता हत्याकांड में एनआईए अदालत ने 28 दोषियों को आजीवन कारावास समेत जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान देसी और विदेशी एनजीओ के संबंध में निर्णय पर न्यायालय की चिंताओं से अवगत कराने के लिए आदेश की प्रति नई दिल्ली में गृह मंत्रालय के प्रमुख सचिव को और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन को भी भेजने का आदेश दिया है।
यह आदेश एनआईए लखनऊ अदालत के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने सरकार बनाम सलीम के मामले की सुनवाई के बाद शुक्रवार को सुनाया। गैर हाजिर दोषी सलीम ने भी शुक्रवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
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कोर्ट का फैसला आने के बाद तिरंगा फहराते हुए मां-बाप
- फोटो : संवाद
एनआईए अदालत ने सभी दोषियों को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की रकम न देने पर दोषियों को नौ महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी दोषियों को धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत 10 साल की सजा और 20 हजार का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की रकम न अदा करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी दोषियों को धारा 147 (दंगा करने के लिए) के तहत दो साल की कारावास की सजा सुनाई गई है।