आगरा के रुनकता के गांव चौमा में नौ महीने पहले पेंटर रफीक की मौत का राज जानने के लिए शव को कब्र से निकाला लिया गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह पता नहीं चल सकी। अब नमूने में ली गई हड्डियों को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। पुलिस को आस है कि वहां से मौत का राज पता चल सकता है।
रुनकता स्थित गांव चौमा निवासी रफीक पेंटर का कार्य करता था। उसका निकाह पांच साल पहले वृंदावन के गांव सकराया निवासी साबना से हुआ था। उनके एक बेटा तीन साल तो दूसरा एक साल का है। साबना ने कोर्ट के आदेश पर थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप लगाया कि 15 अक्तूबर 2021 को मोहल्ले के ही पप्पू, दिलवर, वकील, शकील और नसीब से कहासुनी हो गई थी। इस दौरान आरोपियों ने पति के साथ मारपीट कर दी। रफीक ने मारपीट की शिकायत रुनकता चौकी पर की।
2 of 5
रफीक की पत्नी शबाना
- फोटो : अमर उजाला
रफीक द्वारा शिकायत किए जाने का पता चलने पर आरोपी रंजिश मान गए। उन्होंने साजिश की। शाम को आरोपी पति के पास आए। उससे कहा कि राजीनामा कर लो। इसके बाद अपने साथ लेकर चले गए। पति काफी देर बाद भी लौटकर नहीं आया। साबना और परिजनों ने रफीक की तलाश की, लेकिन पता नहीं चला। उधर, आरोपी भी घरों से भाग गए।
3 of 5
रफीक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
19 अक्तूबर 2021 को पति के शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली में आरोपी रखकर लाए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मगर, पुलिस नहीं पहुंची। इस पर शव को बिना पोस्टमार्टम के दफना दिया गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद साबना ने पति के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए जिलाधिकारी से गुहार लगाई थी।
4 of 5
आगरा के जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह
- फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने पोस्टमार्टम कराने के लिए थाना सिकंदरा पुलिस को निर्देशित किया, जिसके बाद शव निकालने की प्रक्रिया कराई गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एएसपी सत्य नरायन ने बताया कि रफीक की मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता नहीं चल सका।
5 of 5
आगरा पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
एएसपी सत्य नरायन ने बताया कि नौ महीने बीतने के कारण सिर्फ कंकाल ही बचा था। अब हड्डियों को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। अगर, रफीक की मौत जहर से हुई होगी तो पता चल जाएगा। इसके बाद ही केस में आगे कार्रवाई की जा सकेगी।