15वीं वाहिनी पीएसी में तैनात खोजी श्वान ‘डॉली’ का 11 साल की लंबी सेवा के बाद शनिवार को निधन हो गया। उसे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई गई। इस मौके पर कर्मचारियों से लेकर अधिकारी तक मौजूद रहे। यह दृश्य भावुक करने वाला था। पीएसी कमांडेंट नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मादा लैब्राडोर डॉली का जन्म दो अप्रैल 2012 को हुआ था। 15वीं वाहिनी पीएसी में उसकी तैनात 15 सितंबर 2013 को हुई थी। उसे विस्फोटक सामग्री को सूंघकर खोजने में महारत हासिल थी। यही वजह थी कि उसे आगरा के अलावा अन्य शहरों में भी बुलाया जाता था।
नहीं रही डॉली: हर साजिश का सूंघकर करती थी पर्दाफाश, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई, देखें तस्वीरें
माई सिटी रिपोर्टर, आगरा।
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 23 Jul 2022 10:31 PM IST
सार
उसे विस्फोटक सामग्री को खोजने में महारत हासिल थी। वाराणसी में जब भी प्रधानमंत्री का आगमन होता था, उससे पहले सुरक्षा के लिए डॉली को भेजा जाता था।
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