फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

ब्रह्मोत्सव: शेषजी पर विराजमान श्री गोदारंगमन्नार ने दिए भक्तों को दर्शन, देखें तस्वीरें

Mon, 16 Mar 2020 12:58 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा) Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 16 Mar 2020 12:58 AM IST
विज्ञापन
Bramhotsava Rath Yatra of Rangji Temple Vrindavan
शेषजी के रथ पर विराजमान श्रीगोदारंगमन्नार - फोटो : Amar Ujala
वृंदावन के श्री रंगजी मंदिर में आयोजित ब्रह्मोत्सव के चौथे दिन रविवार को शेषनाथ के रथ पर विराजमान होकर भगवान रंगनाथ की सवारी निकली। रजत निर्मित रथ पर विराजमान प्रभु श्री गोदारंगमन्नार की अलौकिक आभा का दर्शन भक्तजनों को सेवा भाव का संदेश दे रहा था। ब्रह्मोत्सव में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। 
Bramhotsava Rath Yatra of Rangji Temple Vrindavan
श्री गोदारंगमन्नार - फोटो : Amar Ujala
मान्यता है कि इस सवारी के दर्शन करने से बैकुंठ लोक की प्राप्ति तथा पितरों को सद्गति प्राप्त होती है। वहीं, सांयकाल बेला में भगवान रंगनाथ की श्री कल्प वृक्ष पर सवारी निकाली। श्रुति का उद्घोष है आनंदी भवामि जिस प्रकार कल्प वृक्ष देवताओं की मनोकामना पूर्ति कर उनको आनंदित करता है। 
Bramhotsava Rath Yatra of Rangji Temple Vrindavan
ठाकुर श्री गोदारंगमन्नार की रथयात्रा - फोटो : अमर उजाला
उसी प्रकार भक्त श्री प्रभु को अपनी विविध सेवाओं से आनंदित कर स्वयं भी आनंद में डूब जाता है। कल्पवृक्ष की सवारी का यह दर्शन भक्तों को सर्वानंद प्रदान कर नव ऊर्जा का संचार करने वाला था। काष्ठ निर्मित प्राचीन परंपरागत कल्पवृक्ष की यह दिव्य सवारी श्री रंग मंदिर से आरंभ होकर बगीचा तक गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Bramhotsava Rath Yatra of Rangji Temple Vrindavan
ब्रह्मोत्सव - फोटो : Amar Ujala
रंगनाथ मंदिर में चल रहे दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव में स्वर्ण रजत निर्मित वाहनों पर विराजमान भगवान के दर्शन तो प्रमुख आकर्षण है ही इसके अलावा उनका तिरु मंजन यानि अभिषेक भी अपने आप में सबसे खास है। भगवान जब सवारी से वापस आते हैं तो उनका अभिषेक किया जाता है। 
विज्ञापन
Bramhotsava Rath Yatra of Rangji Temple Vrindavan
श्री गोदारंगमन्नार - फोटो : Amar Ujala
भगवान और गोदाजी को रोजाना दोपहर को नौ नदियों के जल का आह्वान कर विभिन्न प्रकार की जड़ी बूटियों चंदन, दूध, दही, शहद, नारियल पानी इत्यादि से दिव्य स्नान कराया जाता है। ताकि दिन भर जो वो घूम कर आते हैं उसकी थकान मिटाई जा सके और शाम को फिर से उन्हें तैयार किया जा सके।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed