भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगरा जिले की सभी नौ विधानसभा सीटों पर घोषित प्रत्याशियों में जातीय समीकरण और अनुभव को वरीयता दी है। पांच सीटों पर प्रत्याशी बदले गए हैं, जबकि चार सीटों पर वर्तमान विधायकों पर ही भरोसा जताया गया है। दो महिलाओं को प्रत्याशी बनाया है। आगरा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने अपनी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबीरानी मौर्य को मौका दिया है, जबकि राज्यमंत्री उदयभान सिंह का टिकट काटकर फतेहपुर सीकरी के पूर्व सांसद चौधरी बाबूलाल पर भरोसा जताया है।
एत्मादपुर से निवर्तमान विधायक रामप्रताप सिंह, खेरागढ़ से महेश गोयल और फतेहाबाद से जितेंद्र वर्मा का टिकट कटा है। भाजपा ने निवर्तमान विधायकों की जगह पूर्व विधायकों को टिकट थमाकर बदलाव किया है। एत्मादपुर से सपा छोड़कर आए डॉ. धर्मपाल सिंह, खेरागढ़ से भगवान सिंह कुशवाह और फतेहाबाद से छोटेलाल वर्मा को प्रत्याशी बनाया गया है। इस बार भाजपा ने किसी नए चेहरे पर दांव नहीं लगाया है।
बेबीरानी मौर्य भाजपा में लंबे समय से सक्रिय हैं। संगठन में काम करने के बाद उन्हें राज्यपाल बनाया गया था। सितंबर 2021 में उन्होंने राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद संगठन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि भाजपा उनको चुनाव में उतार सकती है। शनिवार को उनके नाम पर मुहर लगा दी गई।
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चौधरी बाबूलाल, चौधरी उदयभान सिंह
- फोटो : अमर उजाला
फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट से सांसद रहे चौधरी बाबूलाल को एक बार फिर मौका दिया गया है। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव को देखते हुए युवा चेहरों की जगह उन्हें टिकट दिया गया है। इस सीट से निवर्तमान विधायक चौधरी उदयभान सिंह का टिकट उनकी उम्र के कारण काटा जाना बताया जा रहा है।
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भाजपा प्रत्याशी छोटेलाल वर्मा
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फतेहाबाद में जितेंद्र वर्मा की जगह निषाद समाज के छोटेलाल वर्मा को टिकट दिया गया है। वर्मा दो बार विधायक रह चुके हैं। वह लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं। ग्रामीण विधानसभा सीट पर बदलाव की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन फतेहाबाद पर भी पार्टी ने परिवर्तन करके संदेश दिया कि वह जिताऊ उम्मीदवारों को ही टिकट देगी।
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भाजपा प्रत्याशी डॉ. धर्मपाल सिंह
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भाजपा ने एत्मादपुर से निवर्तमान विधायक रामप्रताप सिंह की जगह सपा छोड़कर आए डॉ.धर्मपाल सिंह को टिकट दिया है। धर्मपाल दो बार दूसरे दलों से विधायक रह चुके हैं। धर्मपाल के भाजपा में शामिल होने पर रामप्रताप सिंह के समर्थकों ने प्रदर्शन भी किया था।