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भैया दूज: यम की फांस से मुक्ति को भाई-बहन ने यमुना में किया स्नान, अनूठी है यह मान्यता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 16 Nov 2020 10:33 AM IST
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विश्राम घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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भाई बहन के अटूट प्रेम का त्योहार भैया दूज (यम द्वितीया) सोमवार को धूमधाम से मनाया जा रहा है, लेकिन मथुरा में इस पर्व पर अनूठी धार्मिक मान्यता है। यहां इस दिन यम की फांस से मुक्ति की कामना लेकर भाई-बहन यमुना में डुबकी लगाते हैं। इसी श्रद्धा भाव से सोमवार तड़के ही मथुरा के विश्राम घाट पर यमुना स्नान के लिए आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्म मुहूर्त से ही यमुना में स्नान शुरू हो गया। भाई-बहनों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर यमुना में डुबकी लगाई।
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विश्राम घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
यमराज और उनकी बहन यमुना का पृथ्वी पर प्रथम मिलन का पर्व है यम द्वितीया। मथुरा के ऐतिहासिक विश्रामघाट पर यमुना धर्मराज का प्राचीन मंदिर है। स्नान के बाद भाई-बहन मंदिर में दर्शन करते हैं। यमुना जी को वस्त्र, श्रृंगार सामग्री और धर्मराज को काला वस्त्र अर्पित करते हैं। सुबह तड़के से ही धर्मराज मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की कतार लगी हैं।
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विश्राम घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
धार्मिक मान्यता है कि सूर्य पुत्री यमुना के निमंत्रण पर भाई यमराज उनसे मिलने के लिए कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया के दिन यहां आते हैं। यमराज को आया देखकर यमुना की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। यमुना ने स्नान के बाद पूजन करके, स्वादिष्ट व्यंजन परोसकर यमराज को भोजन कराया। यमुना के आतिथ्य से यमराज ने प्रसन्न होकर बहन से वरदान मांगने का आग्रह किया।
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विश्राम घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़
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यमुना ने कहा था कि भाई, मेरी तरह जो बहन इस दिन अपने भाई को आदर सत्कार करके टीका करे, यहां बहन के साथ स्नान करें, उसे तुम्हारा भय न रहे। मृत्यु के बाद उसे यमलोक में नहीं जाना पड़ेगा यमराज ने तथास्तु कहकर यमुना को वस्त्र आभूषण देकर यमलोक की ओर प्रस्थान किया। तभी से यम द्विताया (भैया दूज) पर यह परंपरा चली आ रही है।
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विश्राम घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़
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ब्रह्म मुर्हूत में यम द्वितीया पर यमुना में भाई–बहन ने यम की फांस से मुक्ति को हाथ पकड़ कर स्नान किया। इसके बाद बहनों ने धर्मराज मंदिर में आरती कर भाइयों की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना की। भाई बहनों ने मथुरा के प्रसिद्ध विश्राम घाट स्थित धर्मराजजी और यमुना जी के मंदिर के दर्शन किए।
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