कोरोना कर्फ्यू के कारण करीब एक माह से वृंदावन के ठाकुर श्रीबांकेबिहारी से दूर रहे भक्त अब अपने आराध्य के दर्शन कर सकेंगे। प्रदेश सरकार की नई गाइडलाइन के बाद श्रीबांकेबिहारी मंदिर प्रबंधन ने भक्तों के लिए ठाकुरजी के द्वार एक जून से खोलने का फैसला किया है। बता दें कि कोरोना कर्फ्यू में एक जून से ढील दी गई है। नई गाइडलाइन के अनुसार अब सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक बाजार खुले रहेंगे। लोगों का आवागमन भी बना रहेगा। इसे देखते हुए श्रीबांकेबिहारी मंदिर के द्वार खोलने का फैसला किया गया है। मंदिर प्रबंधक मुनीश शर्मा ने बताया कि एक जून से पूर्व की भांति मंदिर में भक्त अपने आराध्य के दर्शन कर सकेंगे। कोविड के नियमों का पालन करना होगा। वीकेंड में शनिवार और रविवार को मंदिर में ठाकुरजी के दर्शन नहीं हो सकेंगे। बाकी दिन सुबह आठ से दोपहर बारह बजे तक और शाम 5:30 बजे से 7 बजे तक आम भक्तों के लिए दर्शन खुलेंगे।
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प्रेम मंदिर वृंदावन
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वृंदावन का इस्कॉन मंदिर भी मंगलवार से भक्तों के लिए खुलने जा रहा है। सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा शाम चार बजे से साढ़े छह बजे तक भक्त दर्शन कर सकेंगे। प्रवेश गेट नंबर दो से होगा। प्रेम मंदिर के पट भी भक्तों के लिए जल्द खुल सकते हैं।
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द्वारिकाधीश मंदिर
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मथुरा के द्वारिकाधीश मंदिर के द्वार आम भक्तों के लिए दो जून से खुलेंगे। इसकी जानकारी देते हुए मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि मंदिर में ठाकुरजी की दो झांकी सुबह और दो झांकी शाम को खुलेगी, प्रथम झांकी 8:15 से 8:45 तक और द्वितीय झांकी 10:15 से 11:00 बजे तक और सायंकाल को 4:45 से 5:15 तक और 6:15 से सायं काल 7:00 बजे तक इस प्रकार 4 झांकियों में दर्शन होंगे। आरती भीतर होंगी ताकि भीड़ न हो। परिक्रमा बंद रहेगी।
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द्वारिकाधीश मंदिर
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द्वारिकाधीश मंदिर के मुख्य गेट पर एक बार में केवल 5-5 करके भक्तों को प्रवेश दिया जाएगा। बगैर मास्क के किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मंदिर के अंदर आने पर थर्मल स्क्रीनिंग होगी और उसके बाद सैनिटाइज किया जाएगा। एक गेट से भक्तों का प्रवेश होगा और दूसरे गेट से निकास की व्यवस्था की गई है।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर मथुरा
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मंगलवार से श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर के पट भी खुल जाएंगे। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने प्रबंध समिति के साथ की गई वर्चुअल चर्चा के बाद यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर दर्शनों का समय प्रात: 7 से 12 बजे तक व सायंकालीन बेला के लिए अपरान्ह 3:30 से सायं 6:30 बजे तक नियत किया गया है। प्रबंध समिति के वरिष्ठ सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए प्रवेश द्वारों पर थर्मल स्कैनिंग, सैनिटाइजर आदि की व्यवस्थाएं की गई है।