डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बीएएमएस परीक्षा की कॉपियां बदलने के मामले में पकड़े गए छात्र पुनीत के हस्तलेख का बदली गई। कॉपियों के हस्तलेख से मिलान कराया जाएगा। पुलिस को पूर्व में 14 छात्रों की कॉपियों में अलग-अलग हस्तलेख मिले थे। इनसे ही मिलान होगा।
{"_id":"6330753ffb6a7c2cdc513316","slug":"bams-copy-case-three-names-appeared-in-interrogation-of-arrested-solver-retired-employees-also-on-the-radar-o","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बीएएमएस कॉपी प्रकरण: गिरफ्तार सॉल्वर से पूछताछ में सामने आए ये तीन नाम, सेवानिवृत्त कर्मचारी भी STF के रडार पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएएमएस कॉपी प्रकरण: गिरफ्तार सॉल्वर से पूछताछ में सामने आए ये तीन नाम, सेवानिवृत्त कर्मचारी भी STF के रडार पर
Mon, 26 Sep 2022 12:03 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 26 Sep 2022 12:03 AM IST
विज्ञापन
BAMS answer sheet exchange case
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्वविद्यालय पहुंची एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
कर्मचारियों-अधिकारियों की संपत्ति की भी होगी जांच
विश्वविद्यालय में हुए भ्रष्टाचार की जांच एसटीएफ कर रही है। इसमें 20 साल पहले के मामले भी जांच के घेरे में आएंगे। वहीं कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक की संपत्ति की भी गोपनीय तरीके से जांच की जा रही है। सेवानिवृत्त कर्मचारी भी एसटीएफ के रडार पर हैं।
पुलिस हिरासत में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
तीन और की गिरफ्तारी के लिए दबिश
पुलिस की विवेचना में छात्र नेता राहुल पाराशर का नाम प्रकाश में आया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस के साथ एसटीएफ भी लगी है। मगर, वह हाथ नहीं आ सका है। वहीं तीन और नाम सामने आए हैं। इनमें रंजीत, जयंत और अशरफ हैं। अब इन तीनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगी है। इनमें राहुल और रंजीत की एजेंसी में सांठगांठ रहती थी। वह पुनीत और उसके साथियों की मदद से लिखी गईं कॉपियों को रखवाया करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
इनकी हुई गिरफ्तारी
- दुर्गेश ठाकुर निवासी छह परसाईपुर नहौरा, थाना जलालपुर, जौनपुर।
- पुनीत निवासी नमैनी, थाना कोतवाली, कासगंज।
फेल छात्रों से करते थे संपर्क
आरोपियों से ज्यादातर फेल छात्र ही संपर्क करते थे। उनकी कापियों के स्थान पर पहले से लिखी गईं कॉपियां रख दी जाती थीं। राहुल और रंजीत एजेंसी के कार्यालय में ये कॉपियां पहुंचाते थे। वह किससे सांठगांठ करते थे, इसकी जानकारी उन्हें ही है। 26 अगस्त को राहुल पाराशर और रंजीत ने दुर्गेश और पुनीत को बहुत सारी कॉपियां दी थीं। बरामद कापियां उनमें से ही बची हुई हैं। राहुल पाराशर ने बाद में कॉपियां लिखने के लिए कहा था।
विज्ञापन
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला