पर्यटन नगरी आगरा में बंदरों की समस्या से शहरवासी परेशान हैं। बंदर पर्यटकों के साथ ही लोगों को भी हमले करके चोटें पहुंचा रहे हैं। आगरा के वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन की जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, नगर निगम आगरा सहित नौ विपक्षियों को नोटिस जारी करके 17 अगस्त तक जवाब-तलब किया है। न्यायमूर्ति प्रतींकर दिवाकर एवं आशुतोष श्रीवास्तव की इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने 19 जुलाई को जनहित याचिका का संज्ञान लेते हुए आदेश में कहा है कि बंदरों के खतरे ने आगरा शहर को त्रस्त कर दिया है, जहां पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बंदर समान रूप से परेशान करते पाए जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप निवासियों को गंभीर चोटें और कीमती सामान का नुकसान हो रहा है। कभी-कभी बंदरों के हमले के कारण युवा और वृद्धों की मौत हुई हैं। उच्च न्यायालय में पैरवी अधिवक्ता राहुल अग्रवाल ने की।
Agra: ताजनगरी में बंदरों के आतंक की कहानी पहुंची हाईकोर्ट, राज्य सरकार सहित नौ विपक्षियों को जारी हुआ नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 24 Jul 2022 06:31 PM IST
सार
ताजनगरी आगरा में बंदरों की समस्या को लेकर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 17 अगस्त तक राज्य सरकार, नगर निगम आगरा सहित नौ विपक्षियों को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया है।
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