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यूपी: सेना के हवलदार को अंतिम विदाई देने उमड़ा हुजूम, दो साल के बेटे ने दी मुखाग्नि; रो पड़ा पूरा गांव
Mon, 21 Sep 2026 11:51 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Mon, 21 Sep 2026 11:51 PM IST
सार
वर्ष 2018 में सेना में भर्ती हुए राहुल सविता जम्मू कश्मीर के 15 कोर हेड क्वार्टर श्रीनगर में एजुकेशन हवलदार के पद पर तैनात थे। श्रीनगर में हार्टअटैक के चलते उनकी जान चली गई थी। हवलदार का तिरंगे में लिपटा शव घर पर पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा।
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दो साल के बेटे ने दी सैन्य कर्मी की चिता को मुखाग्नि।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में तैनात एजुकेशन हवलदार जैतपुर के राहुल सविता (32) की रविवार सुबह नाै बजे ड्यूटी के दौरान हार्टअटैक से जान चली गई थी। सोमवार रात आठ बजे हवलदार का तिरंगे में लिपटा शव घर पर पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। दिवंगत हवलदार का शव देख पत्नी राधा, मां नीलम, पिता अनिल सविता सुधबुध खो बैठे।
घर से फतेहपुरा गांव तक हवलदार अमर रहे, भारत माता की जय के नारों के बीच शव अंतिम संस्कार को पहुंचा। सैनिक सम्मान के साथ हवलदार पंचायत की जमीन पर पंचतत्व में विलीन हुए। दो साल के बेटे शौर्य ने मुखाग्नि दी तो मौजूद लोग अपनी आंखों में आंसू नहीं रोक पाए। अंतिम विदाई के वक्त हवलदार के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद कर लोग भावुक हो गये।
फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर, बाह की विधायक पक्षालिका सिंह ने हवलदार के पिता अनिल सविता को ढांढ़स बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। पुष्प चक्र अर्पित कर हवलदार को श्रद्धांजलि दी। पूर्व विधायक जितेन्द्र वर्मा, सपा के जिला उपाध्यक्ष सुधीर दुबे, पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिववीर सिंह भदौरिया, डॉ. मदनगोपाल सिंह, प्रधान लाखन सिंह भदौरिया, कुलदीप भदौरिया, गुड्डू बिधौलिया, देवेन्द्र शर्मा, शैलेन्द्र पाठक, रोहित राजपूत, आलोक यादव, मोनू अहीर आदि ने दिवंगत हवलदार को अंतिम विदाई कर परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
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रुंधे गले से पिता बोले बेटे के बलिदान पर गर्व
अपने कलेजे के टुकड़े राहुल सविता को खोने वाले पिता अनिल सविता बोले कि बेटे के बलिदान पर उन्हें गर्व है। 2018 में सेना में भर्ती हुए राहुल सविता जम्मू कश्मीर के 15 कोर हेड क्वार्टर श्रीनगर में एजुकेशन हवलदार के पद पर तैनात थे। पुत्रवधू राधा, बेटी रितिका (6), बेटा शौर्य (2) साथ रहते थे। जान जाने से एक दिन पहले बेटे से बात हुई थी। वह बोला था कि पापा जल्दी घर आऊंगा। उन्हें क्या पता था कि बेटे का शव घर पर आएगा? उन्हें ढांढ़स बंधाने वाले भी अपनी आंखों में आंसू नहीं रोक पाए। अपना सुहाग खोने वाली राधा पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसे नहीं सूझ रहा कि बेटी रितिका (6) एवं बेटा शौर्य (2) को पति के बिना कैसे पालेगी?
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घर से फतेहपुरा गांव तक हवलदार अमर रहे, भारत माता की जय के नारों के बीच शव अंतिम संस्कार को पहुंचा। सैनिक सम्मान के साथ हवलदार पंचायत की जमीन पर पंचतत्व में विलीन हुए। दो साल के बेटे शौर्य ने मुखाग्नि दी तो मौजूद लोग अपनी आंखों में आंसू नहीं रोक पाए। अंतिम विदाई के वक्त हवलदार के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद कर लोग भावुक हो गये।
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फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर, बाह की विधायक पक्षालिका सिंह ने हवलदार के पिता अनिल सविता को ढांढ़स बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। पुष्प चक्र अर्पित कर हवलदार को श्रद्धांजलि दी। पूर्व विधायक जितेन्द्र वर्मा, सपा के जिला उपाध्यक्ष सुधीर दुबे, पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिववीर सिंह भदौरिया, डॉ. मदनगोपाल सिंह, प्रधान लाखन सिंह भदौरिया, कुलदीप भदौरिया, गुड्डू बिधौलिया, देवेन्द्र शर्मा, शैलेन्द्र पाठक, रोहित राजपूत, आलोक यादव, मोनू अहीर आदि ने दिवंगत हवलदार को अंतिम विदाई कर परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
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रुंधे गले से पिता बोले बेटे के बलिदान पर गर्व
अपने कलेजे के टुकड़े राहुल सविता को खोने वाले पिता अनिल सविता बोले कि बेटे के बलिदान पर उन्हें गर्व है। 2018 में सेना में भर्ती हुए राहुल सविता जम्मू कश्मीर के 15 कोर हेड क्वार्टर श्रीनगर में एजुकेशन हवलदार के पद पर तैनात थे। पुत्रवधू राधा, बेटी रितिका (6), बेटा शौर्य (2) साथ रहते थे। जान जाने से एक दिन पहले बेटे से बात हुई थी। वह बोला था कि पापा जल्दी घर आऊंगा। उन्हें क्या पता था कि बेटे का शव घर पर आएगा? उन्हें ढांढ़स बंधाने वाले भी अपनी आंखों में आंसू नहीं रोक पाए। अपना सुहाग खोने वाली राधा पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसे नहीं सूझ रहा कि बेटी रितिका (6) एवं बेटा शौर्य (2) को पति के बिना कैसे पालेगी?