'साहब, हम दोनों रिक्शा लेकर आ रहे थे। तभी गुरुद्वारे की तरफ से एक कंटेनर आया। वो तेज गति में था। वो पहले नाले के ऊपर चढ़ा। नाले के पटाव पर सो रहे लोगों के ऊपर से निकल गया। किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला। चालक रुका नहीं। कंटनेर को सिकंदरा की तरफ ले गया। दो लोगों के सिर धड़ से अलग हो गए। इस दर्दनाक हादसे की आंखों देखी रिक्शाचालक मोहन उर्फ कालू और सुरेंद्र ने बताई। मोहन उर्फ कालू और सुरेंद्र बुधवार तड़के हाईवे पर हुए हादसे के वक्त सिकंदरा से रिक्शा लेकर घर जा रहे थे।
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मोहन उर्फ कालू और सुरेंद्र
- फोटो : अमर उजाला
सुरेंद्र राम नगर पुलिया तो कालू मध्य प्रदेश का रहने वाला है। दोनों सिकंदरा क्षेत्र में रिक्शे से कबाड़ा बीनने का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि वो अपने रिक्शे से रात 2.30 बजे गुरुद्वारे की तरफ आ रहे थे। हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रकों की आवाज ही सुनाई दे रही थी। दोनों कामायनी कट से दूसरी दिशा में रिक्शे से आ रहे थे। तभी तेज गति से एक कंटेनर आया। पहले ढके हुए नाले पर चढ़ने का प्रयास किया, लेकिन पहिया नहीं चढ़ा। पांच मीटर दूर चलते ही आगे का पहिया चढ़ गया और कंटेनर बायीं ओर बढ़ता गया। 25 फुट पर जूते की दुकान के सामने सो रहे लोगों को पर चढ़ गया।
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इसी कंटेनर ने मजदूरों को कुचला
- फोटो : अमर उजाला
इस हादसे में सात मजदूरों की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ने कंटनेर धीमा किया, लेकिन रुका नहीं। वो सिकंदरा की ओर चला गया। उन्होंने रिक्शा दूसरी तरफ ले जाकर जान बचाई। वो भी चपेट में आ सकते थे। चश्मदीद रिक्शाचालकों ने बताया कि हादसे के बाद हाईवे पर खून ही खून हो गया। हमारी तरफ भी कंटनेर आ रहा था, लेकिन हमने दूसरी तरफ भागकर खुद को बचाया।
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गुरुद्वारा के पास हुआ था हादसा
- फोटो : अमर उजाला
सुरेंद्र और मोहन ने बताया कि सिकंदरा हाईवे पर नाले के पटाव के ऊपर 50-60 लोग सोते हैं। हादसे के समय भी सो रहे थे। नौ एक साथ थे, अन्य थोड़ी दूरी पर थे। कंटेनर की टक्कर से एक साइनेज का खंभा और एक बिजली के खंभे के सपोर्ट के लिए लगा खंभा टूटकर अलग हो गया। इससे तेज आवाज हुई। आवाज सुनकर वहां पर सो रहे लोग जाग गए। वहीं गुरुद्वारे पर मौजूद पुलिसकर्मी भी आ गए। उन्होंने कंटेनर का पीछा करने के साथ ही वायरलेस से थाना पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में आई पुलिस सभी को ले गई।
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दुर्घटनास्थल व दूसरे चित्र में प्रत्यक्षदर्शी मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
बोदला निवासी मुकेश भी मजदूरी करता है। वो भी पुलिस के सामने आया। उसने बताया कि वो रात को एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से सिकंदरा में ईंट उतारकर लौट रहा था। तभी कंटेनर हाईवे किनारे सो रहे लोगों को रौंदता चला गया। वहां लाशें पड़ी हुई थीं। थोड़ी देर में ही पुलिस आ गई और उन्होंने सभी को वहां से उठा लिया।