जनकपुरी महोत्सव में शुक्रवार को राजा जनक और महारानी सुनयना समेत जनकपुर वासियों ने भीगी पलकों से जानकी जी को भावपूर्ण विदाई दी। बारातियों समेत प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न सीता जी के साथ जनक महल से रावतपाडा बारहदरी की ओर प्रस्थान किया। स्वरूपों की एक झलक पाने की लोगों की लालसा देखते बन रही थी।
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चांदी के डोले में विराजमान माता जानकी
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अपलक नजरों से निहारने के साथ मन मंदिर और कैमरे में इस यादगार पल को कैद किया। जनक मंच पर स्वरूपों की आरती के लिए हर कोई लालायित था। स्वरूपों और अतिथियों की उपस्थिति में नृत्य कला केंद्र वृंदावन के कलाकारों की मनमोहन नृत्य प्रस्तुति से सभी का मनमोह लिया।
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सीता राम के स्वरूपों की आरती उतारते जनकपुरवासी
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विदाई के समय एएसपी गोपाल चौधरी, एसपी क्राइम राजेश सोनकर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट योगेश कुमार, सीता श्रीवास्तव, इनकम टैक्स कमिश्नर ज्योत्सना आदि ने स्वरूपों की आरती की। इसके बाद राम सहिंत स्वरूपों की विदाई की गई।
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पुष्पवर्षा से दशरथ नंदन का स्वागत
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शुक्रवार शाम को भावना होटल से देव नगर होते हुए प्रभु श्रीराम समेत चारो भाई रथ पर सवार होकर जनकपुरी स्थित जनक महल पहुंचे। वहीं माता जानकी डोले में सवार होकर मंच पर पहुंची। इस दौरान श्रीरामलीला कमेटी, श्री जनकपुरी महोत्सव कमेटी व रामलीला मंचन के लोग गाजे बाजे के साथ चल रहे थे। जनकपुरी महोत्सव समिति के पदाधिकारियों ने चारों भाइयों को गोद में लेकर उनको मंच पर ले जाकर सम्मान के साथ आसीन किया।
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जनकपुरी महोत्सव
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मंच पर आसानी होने के बाद लोग इनकी एक झलक पाने को लालायित दिख रहे थे। इस अद्भुत दृश्य को बहुतों ने अपने कैमरे में किया। मंच पर चारों भाइयों, जानकी, विश्वामित्र, गुरु वशिष्ठ के स्वरूप समेत राजा जनक और सुनयना बने कैलाश गुप्ता व मीरा गुप्ता, राजा दशरथ बने मुकेश गुप्ता और उनकी पत्नी मंच पर उपस्थित थे। जनक परिवार, जनकपुरी कमेटी के पदाधिकारियों, अतिथियों व जनकपुर वासियों के साथ विधायक पुरुषोत्तम ने स्वरूपों की आरती उतारी।