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UP: एक हजार घंटों से दहशत में 150 परिवार, जैक पर टिकीं घरों और इमारतों की छतें; हल्की सी आहट भी डरा रही
Thu, 12 Dec 2024 10:16 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 12 Dec 2024 10:16 AM IST
सार
आगरा के मोती कटरा में 1000 हजार घंटों से लोग दहशत में हैं। वजह है उनके खुद के घर और इमारतें, जिनके गिरने का डर सता रहा है। छतों को जैक लगाकर साधा गया है। हल्की सी आहट भी लोगों को डरा रही है।
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Agra News
- फोटो : अमर उजाला
घरों के नीचे से मोती कटरा में टनल की खुदाई ने 150 परिवारों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। एक हजार घंटों से भी ज्यादा समय से यहां के लोग दहशत में जी रहे हैं। घर, इमारतों की छतों को टिकाए रखने के लिए जैक का सहारा लिया जा रहा है। हल्की सी आहट होने पर लगता है कि घर गिर जाएगा। 2000 वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्र में बने मकानों में रहने वालों का जीवन मेट्रो की खुदाई के कारण पूरी तरह से बदल गया है।
जैक पर टिकी छत
- फोटो : अमर उजाला
यूपी मेट्रो कॉरपोरेशन ने बुधवार से टनल बोरिंग मशीन की स्पीड कम कर दी है। पूरा काम अब धीमे हो रहा है। मकानों की मरम्मत के काम में नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाने लगा है। दरारों में इंजेक्शन के जरिए सीमेंट कंक्रीट भरवाया जा रहा है।
सीवर-पानी की नई लाइनें बिछाई जाएंगी
सीवर-पानी की नई लाइनें बिछाई जाएंगी
जैक पर टिकी छत
- फोटो : अमर उजाला
टनल बोरिंग के कारण आई दरारों में ग्राउटिंग किए जाने से सीवर और पानी की लाइनें मोती कटरा में जाम हो गई। क्षतिग्रस्त हुई सीवर लाइनों के कारण पूरे क्षेत्र का सीवर नेटवर्क जाम हो गया। इसे बदलने के लिए कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मेट्रो प्रबंधन को निर्देश दिए हैं। मेट्रो इस काम को नगर निगम की निगरानी में कराएगा।
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जैक पर टिकी छत
- फोटो : अमर उजाला
एक्सरे में सामने आई जमीन की रिपोर्ट
मोती कटरा में मिट्टी की जांच के लिए आईआईटी की टीम ने टोपोग्राफी कराई थी। इसमें पाया गया है कि मोती कटरा टीलों पर बसा हुआ है, जिसमें मकान बनाने के लिए मिट्टी का भराव कराया गया होगा। नीचे टनल बनने पर मिट्टी का सेटलमेंट होने लगा। वहीं कई जगह कुएं पाटकर भी मकान बनाए गए। इससे हुए सेटलमेंट में मकानों में दरारें आ रही हैं। मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि दिल्ली के चांदनी चौक, लखनऊ के हजरतगंज और आगरा में भी पुराने शहर से मेट्रो की टनल खोदी गई, पर दरारें कही नहीं आई। आईआईटी की रिपोर्ट जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट आ जाएगी, जिसमें मकानों में आई दरार की प्रमुख वजहों का खुलासा हो जाएगा।
मोती कटरा में मिट्टी की जांच के लिए आईआईटी की टीम ने टोपोग्राफी कराई थी। इसमें पाया गया है कि मोती कटरा टीलों पर बसा हुआ है, जिसमें मकान बनाने के लिए मिट्टी का भराव कराया गया होगा। नीचे टनल बनने पर मिट्टी का सेटलमेंट होने लगा। वहीं कई जगह कुएं पाटकर भी मकान बनाए गए। इससे हुए सेटलमेंट में मकानों में दरारें आ रही हैं। मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि दिल्ली के चांदनी चौक, लखनऊ के हजरतगंज और आगरा में भी पुराने शहर से मेट्रो की टनल खोदी गई, पर दरारें कही नहीं आई। आईआईटी की रिपोर्ट जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट आ जाएगी, जिसमें मकानों में आई दरार की प्रमुख वजहों का खुलासा हो जाएगा।
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घर में आई दरार दिखाती महिला
- फोटो : अमर उजाला
पढ़ाई, कारोबार सब प्रभावित
मोती कटरा निवासी रविंद्र जैन ने बताया कि पूरे मोती कटरा में हर घर, मंदिर में दरारें आ चुकी हैं। हल्की सी आहट पर लगता है कि घर गिर जाएगा। मेट्रो ने जीवन मुश्किल में डाल दिया है। बच्चों की पढ़ाई, लोगों का कारोबार, सब मेट्रो के कारण प्रभावित है। मोती कटरा जैन मंदिर की दूसरी मंजिल पर दरारें हैं। -,
मोती कटरा निवासी रविंद्र जैन ने बताया कि पूरे मोती कटरा में हर घर, मंदिर में दरारें आ चुकी हैं। हल्की सी आहट पर लगता है कि घर गिर जाएगा। मेट्रो ने जीवन मुश्किल में डाल दिया है। बच्चों की पढ़ाई, लोगों का कारोबार, सब मेट्रो के कारण प्रभावित है। मोती कटरा जैन मंदिर की दूसरी मंजिल पर दरारें हैं। -,