आगरा में शनिवार को मणप्पुरम गोल्ड डकैती कांड के बाद एत्मादपुर में पुलिस की मुठभेड़ में मारा गया आरोपी निर्दोष (29) ब्रिटेन जाना चाहता था। फिरोजाबाद के रसीदपुर कनेठा निवासी निर्दोष पढ़ाई में तेज था। उसके पिता माता प्रसाद और भाई सोनू के मुताबिक, निर्दोष ने हाईस्कूल से लेकर बीएससी तक प्रथम श्रेणी में पास की थी। इसके बाद वह चेन्नई चला गया। यहां पर सीएफटीआई से फुटवियर डिजायनिंग का कोर्स किया। दो साल तक नोएडा और देहरादून की कंपनी में नौकरी की।
आगरा डकैती कांड: पढ़ाई में अव्वल निर्दोष जाना चाहता था ब्रिटेन, पुलिस की मुठभेड़ में मारा गया
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सदमे में परिवार
भाई सोनू ने बताया कि निर्दोष की शादी नहीं हुई थी। पांच बहनों की शादी हो चुकी है। पिता खेती करते हैं। सोनू एक कंपनी में काम करता है। तीन महीने पहले नए घर का प्रवेश कराया था। तब निर्दोष घर पर ही था। इसके बाद चला गया। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वह कैसे बदमाशों तक पहुंचा किसी को पता नहीं है। इससे परिवार सदमे में है। रात तकरीबन साढ़े नौ बजे गांव के प्रधान देवेंद्र ने उन्हें घटना की जानकारी दी थी। पुलिस भी आई। तब बेटे के मरने के बारे में पता चला।
पिता माता प्रसाद ने बताया कि बेटा निर्दोष पढ़ाई में काफी तेज था। उसके दसवीं में 70 प्रतिशत, इंटरमीडिएट में 74, बीएससी में 62 फीसदी अंक आए थे। वह नोएडा में नौकरी करने गया था। उसने यही बताया कि वह मार्केटिंग का काम करता है। बेटे को पढ़ाने के लिए अपना घर और तीन दुकान तक बेच दी थीं।