स्वच्छ भारत मिशन के तहत देश के 100 आइकॉनिक साइट की सूची में ब्रज के दो और स्थल शामिल हो गए हैं। अब आगरा किला और वृंदावन का श्रीबांकेबिहारी मंदिर भी आइकॉनिक साइट बन गया है। इससे पूर्व प्रदेश के चार धार्मिक और पर्यटन स्थलों को शामिल किया जा चुका है। इनमें ताजमहल दूसरे स्थान पर है। पहले स्थान पर वाराणसी का मणिकर्णिका घाट है। तीसरे स्थान पर बिजनौर का विदुर कुटी मंदिर और चौथे स्थान पर प्रयागराज का नाग वासुकी मंदिर है। आगरा किला को पांचवा स्थान मिला है।
ब्रज के तीन स्थल बने 'आइकॉनिक': ताज के बाद आगरा किला और वृंदावन का बांकेबिहारी मंदिर भी शामिल
मथुरा के नगर आयुक्त अनुनय झा ने बताया कि आइकॉनिक साइट का दर्जा श्रीबांकेबिहारी परिक्षेत्र को मिला है। पर्यटन विकास की संभावना को देखते हुए केंद्र सरकार ने आईकॉन में श्रीबांकेबिहारी मंदिर को चुना है। यहां ओएनजीसी द्वारा विकास की परियोजनाओं पर काम किया जाएगा। यह स्वच्छता के लिए देश का आईकॉन बनेगा। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत गोपी गोस्वामी ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर को आईकॉनिकसाइट की सूची में शामिल किया गया है। लेकिन हमें भी मंदिर की मर्यादा और परंपराओं का निर्वहन करना चाहिए।
नगर निगम ने सोमवार को आगरा किला के पास सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए उन अधिकारियों से संपर्क किया, जो ताज के आइकॉनिक साइट बनाने के दौरान तैनात थे। किले के गेट से निकल रहे मंटोला नाले की सफाई करने और दुर्गंध को खत्म करने की योजना भी बनाई है। एक प्रस्ताव मंटोला नाले का ट्रीटमेंट आगरा किला से पहले बिजलीघर चौराहे के पास करने का है। बायो और फाइटोरेमेडिएशन या अन्य किसी तरीके से दुर्गंध दूर करने के बाद किले के सामने पानी पहुंचे। मंटोला और ढोलीखार में नाले में फेंकी जाने वाली कतरन को एकत्र करने और उससे उत्पाद बनाने के प्लांट को भी इस योजना में लगाया जा सकता है।
ताज पर ये हुआ था बदलाव
स्वच्छ भारत मिशन में तीन साल पहले ताजमहल को आइकॉनिक साइट में शामिल किया गया था, तब गैस अथॉरिटी आफ इंडिया (गेल) ने ताज पर 9.50 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इससे ताज पूर्वी गेट पर दो ट्रांसफर स्टेशन, दो प्लास्टिक बोतल क्रश मशीन, कॉम्पेक्टर, कूड़ा ढोने वाली गाड़ी, 50 हजार डस्टबिन, कंपोस्ट प्लांट आईएसबीटी पर और दूसरा राजनगर में लगाया गया था। ताजमहल के दो किमी दायरे में सफाई व्यवस्था पर होने वाला खर्च भी एक साल तक गेल ने उठाया था। बाद में इसे एडीए के पथकर से और अब नगर निगम की ओर से उठाया जा रहा है।