आगरा के ट्रांसयमुना कॉलोनी से मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे अगवा वरिष्ठ चिकित्सक उमाकांत गुप्ता को 31 घंटे में बुधवार देर रात ढाई बजे धौलपुर के बीहड़ से मुक्त करा लिया गया। दस्यु केशव गुर्जर के गुर्गे बदन सिंह ने उनका अपहरण पांच करोड़ रुपये की फिरौती के लिए किया था। उन्हें एक युवती के माध्यम से हनी ट्रैप में फंसाकर घर से बुलाया। इसके बाद धौलपुर के बीहड़ में ले गए। पुलिस ने युवती और एक बदमाश को पकड़ा है। वहीं फरार सरगना बदन सिंह पर एक लाख और उसके तीन साथियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस टीम को डीजीपी मुकुल गोयल और अपर मुख्य सचिव गृह ने दो-दो लाख रुपये का इनाम देकर पुरस्कृत किया। बता दें कि ट्रांसयमुना यमुना कॉलोनी निवासी 60 वर्षीय डॉ. उमाकांत गुप्ता का घर के पास ही विद्या नर्सिंग होम है। 13 जुलाई की शाम को साढ़े सात बजे वो घर से निकले थे और रात तकरीबन 11 बजे तक घर नहीं आए।
हनीट्रैप का शिकार डॉक्टर: पहले बिछाया 'इश्क का झूठा जाल', फिर किया अपहरण, हैरान कर देगी ये कहानी
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चिकित्सक के परिजनों ने मंगलवार रात डेढ़ बजे पुलिस को सूचना दी थी। उनके मोबाइल की अंतिम लोकेशन सैंया के तेहरा की आई। इससे उनके अपहरण की आशंका जाहिर की गई। पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज करके तलाश शुरू कर दी। एडीजी राजीव कृष्ण ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि डॉक्टर उमाकांत गुप्ता की बलीनो कार धौलपुर के कोतवाली क्षेत्र में पकड़ी गई थी। कार सवार पवन नामक बदमाश को धौलपुर पुलिस ने पकड़ा। इसकी जानकारी बुधवार सुबह दस बजे आगरा पुलिस को दी।
इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंच गई। पवन से पूछताछ के बाद युवती मंगला पाटीदार उर्फ संध्या उर्फ अंजलि को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि डॉक्टर उमाकांत गुप्ता को बमरौली गांव के पास बीहड़ में रखा गया है। उनकी लोकेशन लेने के बाद पुलिस की टीम लग गईं। बीहड़ में घेराबंदी कर ली। बुधवार रात तकरीबन ढाई बजे डॉ. उमाकांत को मुक्त करा लिया गया। मगर, बदमाश हाथ नहीं आए। वह पहले ही फरार हो गए। गुरुवार सुबह डॉक्टर को आगरा लाया गया।
अपर मुख्य सचिव गृह और डीजीपी ने थपथपाई आगरा पुलिस की पीठ
आगरा पुलिस ने 31 घंटे के अंदर डाक्टर की सकुशल बरामदगी कर ली। इससे जहां चिकित्सक परिवार ने पुलिस का धन्यवाद दिया, वहीं शासन ने भी पुलिस की पीठ थपथपाई है। डीजीपी मुकुल गोयल और अपर मुख्य सचिव गृह ने दो-दो लाख रुपये इनाम की घोषणा की है।
बदन सिंह तोमर के गैंग ने एक महीने पहले रची थी साजिश
डॉक्टर उमाकांत गुप्ता का अपहरण पांच करोड़ रुपये की फिरौती के लिए किया गया था। अपहरण की योजना दस्यु केशव गुर्जर के गुर्गे बदन सिंह ने बनाई थी। बदन सिंह ने पूर्व में रोहता से ही दंत चिकित्सक निखिल का अपहरण किया था। उमाकांत के अपहरण के लिए अपने गैंग में महाराष्ट्र के गोदिया की मंगला पाटीदार को भी शामिल कर लिया था। उसे रुपयों का लालच देकर डॉक्टर से संपर्क कराया। फोन करके बातचीत कराई। इसके बाद फोन से बुलाकर कार में अगवा कर ले गए। डॉक्टर को बीहड़ में ले गए थे। बदन सिंह अपने साथियों के साथ भागने में सफल रहा। एडीजी राजीव कृष्ण ने बदन सिंह पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। उसके तीन साथियों दो भोला और एक धर्मेंद्र के भी नाम आए हैं। उन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।